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सर्वकोश
मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

DevanagariRajasthanipublished365 पृष्ठ

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समर्पण द्योतक पद १५९
विभिन्न बोलियों में प्राप्त पद
१
हमरे रौरे लागिल कैसे छूटे।
जैसे हीरा हनत निहाई, तैसे हमरे रौरे बनि जाई।
जैसे सोना मिलत सोहागा, तैसे हम रौरे दिल लागा।
जैसे कमल नाल बिच पानी, तैसे हम् रौरे मन मानी।
जैसे चन्दा मिलत चकोरा, तैसे हम रौरे दिल जोरा।
जैसे मीराँ पति गिरधारी, तैसे मिलि रहू कुज बिहारी ॥२५१॥
पद की भाषा स्पष्ट रूपेण अवधी है।
२
जो तुम तोडो पिया, मै नही तोडे्।
तोरी प्रीत तोडी, कृष्ण कौन सग जोडे्।
तुम भये तरुवर, मै भई पखिया।
तुम भये सरवर, मै भई मछिया।
तुम भये गिरिवर, मै भई चारा।
तुम भये चदा, मै भई चकोरा।
तुम भये मोती प्रभुजी, हम भये धागा।
तुम भये सोना, हम भये सुहागा।
बाई मीराँ के प्रभु, ब्रज के बासी।
तुम मेरे ठाकुर, मै तेरी दासी ॥२५२॥†
भाव, भाषा दोनो के ही आधार पर पद की प्रामाणिकता संदिग्ध
है। भाषा खडी बोली है और भाव मे वह गाम्भीर्य नही है जो
तथाकथित मीराँ के पदो मे प्राय प्राप्त है। उपर्युक्त पद की
तुलना कीर्तन-मंडली के चालू पदो से की जा सकती है।