संक्षिप्त मार्कण्डेय पुराण
Markandeya Purana
महर्षि वेदव्यास द्वारा
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भद्राको प्रणाम है। हमलोग नियमपूर्वक जगदम्बाको
नमस्कार करते हैं ॥ ९ ॥ रौद्राको नमस्कार है।
नित्या, गौरी एवं धात्रीको बारंबार नमस्कार है।
ज्योत्स्नामयी, चन्द्ररूपिणी एवं सुखस्वरूपा देवीको
सतत प्रणाम है ॥ १०॥ शरणागतोंका कल्याण
करनेवाली वृद्धि एवं सिद्धिरूपा देवीको हम
बारंबार नमस्कार करते हैं। नैर्ऋती (राक्षसोंकी
लक्ष्मी), राजाओंकी लक्ष्मी तथा शर्वाणी
(शिवपत्नी)-स्वरूपा आप जगदम्बाको बार-बार
नमस्कार है ॥ ११॥ दुर्गा, दुर्गपारा (दुर्गम संकटसे
पार उतारनेवाली), सारा (सबकी सारभूता),
सर्वकारिणी, ख्याति, कृष्णा और धूम्रादेवीको
सर्वदा नमस्कार है ॥ १२ ॥ अत्यन्त सौम्य तथा
अत्यन्त रौद्ररूपा देवीको हम नमस्कार करते हैं,
उन्हें हमारा बारंबार प्रणाम है। जगत्की आधारभूता
कृति देवीको बारंबार नमस्कार है ॥ १३ ॥ जो देवी
सब प्राणियोंमें विष्णुमायाके नामसे कही जाती हैं,
उनको नमस्कार, उनको नमस्कार, उनको बारंबार
नमस्कार है ॥ १४-१६ ॥ जो देवी सब प्राणियोंमें
चेतना कहलाती हैं, उनको नमस्कार, उनको
नमस्कार, उनको बारंबार नमस्कार है ॥ १७- १९॥
जो देवी सब प्राणियोंमें बुद्धिरूपसे स्थित हैं,
उनको नमस्कार, उनको नमस्कार, उनको बारंबार
नमस्कार है ॥ २०-२२॥ जो देवी सब प्राणियोंमें
निद्रारूपसे स्थित हैं, उनको नमस्कार, उनको
नमस्कार, उनको बारंबार नमस्कार है ॥ २३-२५ ॥
जो देवी सब प्राणियोंमें क्षुधारूपसे स्थित हैं,
उनको नमस्कार, उनको नमस्कार, उनको बारंबार
नमस्कार है ॥ २६-२८ ॥ जो देवी सब प्राणियोंमें
छायारूपसे स्थित हैं, उनको नमस्कार, उनको
नमस्कार, उनको बारंबार नमस्कार है ॥ २९-३१॥
जो देवी सब प्राणियोंमें शक्तिरूपसे स्थित हैं,
उनको नमस्कार, उनको नमस्कार, उनको बारंबार
नमस्कार है ॥ ३२-३४॥ जो देवी सब प्राणियोंमें
तृष्णारूपसे स्थित हैं, उनको नमस्कार, उनको
नमस्कार, उनको बारंबार नमस्कार है ॥ ३५-३७ ॥
जो देवी सब प्राणियोंमें क्षान्ति (क्षमा)-रूपसे
स्थित हैं, उनको नमस्कार, उनको नमस्कार,
उनको बारंबार नमस्कार है ॥ ३८-४० ॥ जो देवी
सब प्राणियोंमें जातिरूपसे स्थित हैं, उनको
नमस्कार, उनको नमस्कार, उनको बारंबार नमस्कार
है ॥ ४१-४३॥ जो देवी सब प्राणियोंमें लज्जारूपसे
स्थित हैं, उनको नमस्कार, उनको नमस्कार,
उनको बारंबार नमस्कार है ॥ ४४-४६ ॥ जो देवी
सब प्राणियोंमें शान्तिरूपसे स्थित हैं, उनको
नमस्कार, उनको नमस्कार, उनको बारंबार नमस्कार
है ॥ ४७-४९ ॥ जो देवी सब प्राणियोंमें श्रद्धारूपसे
स्थित हैं, उनको नमस्कार, उनको नमस्कार,
उनको बारंबार नमस्कार है ॥ ५०-५२ ॥ जो देवी
सब प्राणियोंमें कान्तिरूपसे स्थित हैं, उनको
नमस्कार, उनको नमस्कार, उनको बारंबार नमस्कार
है ॥ ५३-५५ ॥ जो देवी सब प्राणियोंमें लक्ष्मीरूपसे
स्थित हैं, उनको नमस्कार, उनको नमस्कार,
उनको बारंबार नमस्कार है ॥ ५६-५८ ॥ जो देवी
सब प्राणियोंमें वृत्तिरूपसे स्थित हैं, उनको नमस्कार,
उनको नमस्कार, उनको बारंबार नमस्कार
है ॥ ५९-६१ ॥ जो देवी सब प्राणियोंमें स्मृतिरूपसे
स्थित हैं, उनको नमस्कार, उनको नमस्कार,
उनको बारंबार नमस्कार है ॥ ६२-६४ ॥ जो देवी
सब प्राणियोंमें दयारूपसे स्थित हैं, उनको नमस्कार,
उनको नमस्कार, उनको बारंबार नमस्कार
है ॥ ६५-६७ ॥ जो देवी सब प्राणियोंमें तुष्टिरूपसे
स्थित हैं, उनको नमस्कार, उनको नमस्कार,
उनको बारंबार नमस्कार है ॥ ६८-७० ॥ जो
देवी सब प्राणियोंमें मातारूपसे स्थित हैं, उनको
नमस्कार, उनको नमस्कार, उनको बारंबार नमस्कार