सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya

मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished856 पृष्ठ

पृष्ठ 837, कुल 856 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 837

MĀNASĀRA 293
135. I. दुक्के, the other Mss. दुर्ध्वे ।
136. I. तद्वद्ध्ये········मूलतारांश for तद्वदग्रे मूलतारं शरांशं suggested by B.
138. I. वाह्या, the other Mss. बाह्ये ।
142. C. पक्कं for पोतं ।
144. C. बंधावत्कर्कण ।
145. C. पक्ष्या for पक्षैः ।
147. I. यथाशया for न संशयः suggested by the other Mss.
Colophon :—B. सप्तषष्टि, C. leaves this in a lacuna.