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सर्वकोश
मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya

मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished856 पृष्ठ

पृष्ठ 756, कुल 856 में से

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पृष्ठ 756

CHAPTER XXXV

  1. H. भूपतौ for भूसुर ।
  2. I. सर्वत्रामवि, for सर्वोन्नामपि suggested by all other Mss.
  3. (1) G. दंडक्त। (2) C. प्रस्तरं for स्वस्तिकं । (3) H. वर्धमानश्च पद्धविबं ।
  4. I. C. वर्त for वर्ध suggested by the other Mss.
  5. B. सर्वेभ्यः for समारभ्य ।
  6. C. omits lines 7—10
  7. I. त्रिरांशं for कराग्तं, J. करान्तं ।
  8. B. नच for सप्त ।
  9. (1) C. द्विहस्तारं for करान्तं, । (2) B. पाथर्थ, C. पादार्थ, H. पार्थ G.
    पादात्यर्थ, J. पादाध्यर्थ for सप्तथा ।
  10. I. J. C. स्यार्धा for दस्ता suggested by B. G. H.
  11. This line is missing in all Mss. except G. H.; obviously it is
    necessary here.
  12. I. C. स्तिकर्मैणलिङ्ग for स्वस्तिकं मौलिकं suggested by the other Mss.
  13. I. C. त पदा for च तप suggested by the other Mss.
  14. I. C. चन्तं, B. C. H. चार्थे, J. दार्थे ।
  15. (1) I. वापिका, J. वोथिका, H. वाका, B. वेदिका, G. वाधिका ।
  16. (1) H. वावधि for वा समाधिक्स्यं । (2) G. शालायांच for शालायामं ।
  17. C., the first pāda, and H. the second pāda, leave in lacunæ.
  18. I. चोद्यम् for the last word supplied by the other Mss.
  19. B. omits lines 25—29.
  20. I. निति, J. भक्ति, G. H. भिक्ति, C. विस्तारद्विगुणोन्नतम् ।
  21. (1) C. G. H. चादिभूमे, I. J. यदिभुति ।
    (2) I. पादादि J. पादादोन्र । (3) J. omits षट् । (4) G. वषत् for षट् ।
  22. J. दशांशं ।