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सर्वकोश
मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya

मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished856 पृष्ठ

पृष्ठ 687, कुल 856 में से

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पृष्ठ 687

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CRITICAL NOTES : CHAPTER XIX 143
204. I. एकात्य, B. चैकादय ।
205. (1) B. त्रिवातु, C. त्रिवादि, I. J. पादत्रि for त्रिपाद suggested by the
other Mss. (2) C, प्रासाद कथितं, B. दार्थमर्धाधिकं ।
206. I. स्यास्त्या for वा चा ।
207. (1) B. C. J. सहित स्तंभ ।
(2) I. मुक्तमेव for युक्तमेववा ।
208. I. adds नासिका, before युक्तवा ।
209. I. भंस्या for हंस्या, suggested by J. and the other Mss.
210. I. adds युत before मानेन ।
212. (1) J. युग्म, B. यत्, C. एते, I. तत्सम ।
(2) C. मूलवत् ।
213. (1) I. र for रम्य । (2) J. सलंक्कत