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सर्वकोश
मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya

मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished856 पृष्ठ

पृष्ठ 638, कुल 856 में से

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94 MĀNASĀRA
192. A. F. चैवकांत्या, B. चैकांतं शांततं तथा for the second pāda.
194. B. omits this line.
The phrase within brackets between lines 194, 195 is found only in
I. and J.
197. (1) A. F. कंठ for कर्ण । (2) B. संगं गुणान्वितम् for the last
expression.
B. omits lines 198—102.
199. I. चाथो for चाधो ।
200. (1) A. F. कंठ for कर्णे । (2) B. मेकेन for मेकांश ।
202. A. F. तदूर्ध्वे ।
203. A. F. रेखां, B. रेखां for मेकां ।
204. A. F. कंठैः for कर्णै ।
205. A. F. शेांश, B. तस्योक्तांशा विस्तारं for the second pāda.