मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)
Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya
मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा
DevanagariHindipublished856 पृष्ठ
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...wait,चक पत्रं चorचक्र पत्रं च? It looks like चक्र पत्रं चorचक पत्रं च. Let's look at क: no clear virama/ra-stroke, but might be चकorचक्र. Wait, look at कinकंम: plain क. Here in 108, it's चक पत्रं चorचक्र पत्रं च. It looks like चक पत्रं च`.
-
Line 111:
111. B. कंम(प)मेकेन ।
Wait, is itकंम(प)मेकेनorकंप(म)मेकेन?
Look at the first letter:कwith anusvara:कं.
Second letter:म.
In parentheses:(प).
Then:मेकेन->कंम(प)मेकेन । -
Line 112:
112. (1) B. पद्मंश । (2) B. चंशो for द्व्यंशं ।
Wait,चंशो for द्व्यंशं ।orद्वंशं ।? Look atद्व्यंशं:द्+व्यं+शं. -
Line 113:
`113. I. शंश for चा