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सर्वकोश
मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya

मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished856 पृष्ठ

पृष्ठ 636, कुल 856 में से

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पृष्ठ 636

...wait,चक पत्रं चorचक्र पत्रं च? It looks like चक्र पत्रं चorचक पत्रं च. Let's look at क: no clear virama/ra-stroke, but might be चकorचक्र. Wait, look at कinकंम: plain क. Here in 108, it's चक पत्रं चorचक्र पत्रं च. It looks like चक पत्रं च`.

  • Line 111:
    111. B. कंम(प)मेकेन ।
    Wait, is it कंम(प)मेकेन or कंप(म)मेकेन?
    Look at the first letter: क with anusvara: कं.
    Second letter: म.
    In parentheses: (प).
    Then: मेकेन -> कंम(प)मेकेन ।

  • Line 112:
    112. (1) B. पद्मंश । (2) B. चंशो for द्व्यंशं ।
    Wait, चंशो for द्व्यंशं । or द्वंशं ।? Look at द्व्यंशं: द् + व्यं + शं.

  • Line 113:
    `113. I. शंश for चा