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सर्वकोश
मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya

मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished856 पृष्ठ

पृष्ठ 628, कुल 856 में से

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पृष्ठ 628

84 MĀNASĀRA
41. B. मध्येतु for मर्धेन।
42. B. मध्येन for चर्धेन।
43. B. पाद for भाग।
44. I. J. अंशं for त्र्यंशं।
46. B. भाजिनं for वाजनं।
47. A. F. B. चार्ध for सार्धं।
48. A. B. F. नं भुजमेवच।
49. (1) A. F. कंठ for कंप। (2) B. मध्ये for मर्ध। (3) I. J. ध्वनैश for
ध्वंशेन।
50. (1) B. कंषरं for कन्धरं। (2) A. B. F. मध्येन।
51. I. J. द्विशान्त for दृशांत। (2) A. B. F. मध्येन for मर्धेन।
52. The expression within brackets after line 52 is not found in
any other Mss. except I. J.
53. I. J. त्यां षोडशा for त्यंशंषडा।
54. (1) A. B. F. त्रयांशंच। (2) I. J. वाधि for वोश।
55. (1) I. J. साक्ष for चाक्ष suggested by A. B. F. (2) B. कं न for कम्प।
56. A. F. नवमांशकम् for the last expression।
57. I. J. चोर्ध्वं स्त्रो, B. स्त्रा, A. F. नेत्रा।
58. B. चार्ध for चांशं।
59. (1) B. किंचित् for केचित्। (2) I. J. पीठं for पीठोञ्चं स्यात् A. F.
चत्रिंशात्।
61. I. J. सार्धकं for चार्धकं suggested by B. and the other Mss.
62. B. कन्दरम्।
63. A. F. कंपमर्धं तदङ्गं, B. कपमब्जं तथाचोर्ध्वं क्षेपणं कंपमानकं।
The next 54 lines are lost in B.
64. (1) A. F. चार्व। (2) A .F. कंठ for कन्धरं।
65. (1) A. F. उपमांशेन। (2) I. J. मयोपत्यं for चाष्टो पद्मं।
66. B. द्वंशं for द्यर्थांशं।
69. A. F. चार्धा for सार्धं।
70. (1) A. F. ततः for अथवा। (2) I. J. सार्धांश for एकांशाधिकं, but in
order to make the total number 32, it is necessary to make this moul-
ding one part as suggested by B.