सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya

मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished856 पृष्ठ

पृष्ठ 619, कुल 856 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 619

CRITICAL NOTES 75
CHAPTER XII

  1. (1) A. F. पजात्यर्थे, B. द्विजातेत्यादि। (2) A. B. F. वक्षैके for वक्ष्यते।
  2. I. गर्भेशवास्यमिहो।
  3. (1) I. गर्भा सन्तु। (2) A. F. द्वारं for विन्यास।
  4. A. F. गर्भपट्ट, B. गर्भंवर, J. गर्भंगृह।
  5. I. शुक्ति for इष्ट।
  6. संहृत्य in the sense of 'removing' is obriously the intended
    reading in place of संपूर्यं which means 'to fill up with' B. J. तस्यांतत्।
  7. A. I. नद्यादि for नद्यद्रि।
  8. (1) B. सर्वदावनं। (2) I. मृद्ग। (3) A. F. हस्तस्थलमिदंस्तथा ।
  9. (1) I. समुश्चेव। (2) B. दंश for दश, but only seven are actually
    mentioned, not ten.
  10. A. F. वसकंदं, B. विसुकंदं for पोनकं तं।
  11. I. कंत for कन्द।
  12. A. F. काकाल्या, B. काकळा, J. काकोला, I. कामुल्येद्यं।
  13. I. दव for भ्रष्ट।
  14. I. शाल्मी for शालिमी।
  15. (1) A. F. कोद्र, B. कोडपं। (2) I. J. कुर्याद्दामे for कङ्गुयाभ्ये।
  16. A. F. I. प्राग्दिशि for प्रत्यग्वि, the west is apparently meant (see
    line 17, where east is mentioned).
  17. A. F. कुलं।
  18. I. नमानं for तन्मानं supplied by J. and the other Mss.
  19. B. तदोद्यान।
  20. (1) I. तद्वृद्ग। (2) B. षट्पक्ष।
  21. I. J. तत्रपादं for तच्छिपादं supplied by A. F.
  22. B. भित्तिरान्त।
  23. (1) A. F. त्र्यया, B. त्रियमं। (2) B. सप्त for सर्वं।
  24. (1) A. B. F. तदुच्चं त्रिभागैकं। (2) A. F. घानं, B. तानं for विधानं।
  25. A. B. F. बहिः स्वन्त।
  26. (1) I. J. भित्तिघ्नं for भित्त्युच्चं घनं, B. भिन्नं।
    (2) I. J. वक्षे वन्न वक्षयेत्।