मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)
Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya
मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा
पृष्ठ 25, कुल 856 में से
संदर्भ में पढ़ेंविषयसूची
पृष्ठाङ्काः
प्रकाशनवृत्तम् (History of publication) .... .... ix—xi
प्राचीनहस्तलिखितपुस्तकानां विवरणम् (Description of MSS.) ˙ xi—xviii
सम्पादनरीतेर्व्याख्या (Method followed in preparing the text) xix—xxii
उपकारस्मरणम् (Acknowledgment) .... ....xxiii—xxiv
संस्कृतभूमिका .... .... .... .... क—छ
अध्यायाः
१ संग्रहः .... .... .... .... १—२
२ शिल्पिलक्षणपूर्वकं मानोपकरणविधानम् .... .... ३—५
३ वास्तुप्रकरणम् .... .... .... .... ६—७
४ भूमिसंग्रहविधानम् .... .... .... ८—९
५ भूपरीक्षाविधानम् .... .... .... १०—१३
६ शङ्कुस्थापनलक्षणम् .... .... .... १४—१८
७ पदविन्यासलक्षणम् .... .... .... १९—२८
८ बलिकर्मविधानम् .... .... .... २९—३१
९ ग्रामलक्षणम् .... .... .... ३२—५१
१० नगरविधानम् .... .... .... ५२—५६
११ भूमिलम्बविधानम्.... .... .... .... ५७—६२
१२ गर्भविन्यासविधानम् .... .... .... ६३—७१
१३ उपपीठविधानम् .... .... .... .... ७२—७७
१४ अधिष्ठानविधानम् .... .... .... .... ७८—९३
१५ स्तम्भलक्षणम् .... .... .... .... ९४—११०
१६ प्रस्तरविधानम् .... .... .... .... १११—११८
१७ सन्धिकर्मविधानम् .... .... .... ११९—१२६
१८ विमानलक्षणम् .... .... .... .... १२७—१४२
१९ एकतलविधानम् .... .... .... .... १४३—१५२
२० द्वितलविधानम् .... .... .... .... १५३—१५७
२१ त्रितलविधानम् .... .... .... .... १५८—१६०
( ३ )