मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)
Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya
मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा
DevanagariHindipublished856 पृष्ठ
पृष्ठ 149, कुल 856 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 149
म क म्->गोपानसीमकम्`!
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Line 17:
अधःपादवशा[न्]न्यस्य(स्यं) सर्वेषां क्षुद्रनासिकम् ॥ ४८ ॥
Wait, look at[न्]:
अधःपादवशा[न्]न्यस्य(स्यं):
अधःपादवशाthen[न्]thenन्यस्यthen(स्यं)!
Right margin:96. -
Line 18:
कर्णपादवशात्क्षुद्रनासि(सं) स्तम्भाप्रमर्धकम् ।
Wait,स्तम्भाप्रमर्धकम्orस्तम्भाग्रमर्धकम्?
Look atप्रvsग्र:
Inप्रागुक्तवन्नयेत्(line 14),प्राhasप+्रा.
In line 18,स्तम्भाग्रमर्धकम्?
Wait,स्तम्भाthenग्रorप्र?
It looks likeप्र:स्तम्भाप्रमर्धकम्orस्तम्भाग्रमर्धकम्?
Wait, Sanskrit architectural term:स्तम्भाग्रमर्धकम्(half of stambhā