मानमेयोदय (नारायण भट्ट - भाट्ट मीमांसा प्रमाण एवं प्रमेय शास्त्र सटीक)
Manameyodaya of Narayana Bhatta with Commentary
नारायण भट्ट एवं नारायण पण्डित द्वारा
४ ध्यानानियोगः .... 551
५ निष्प्रपञ्चीकरणनियोगः 552
६ विज्ञानाधिकारविचारः 552
७ कामप्रध्वंसवादः .... 553
८ कर्मविभागसारः ... 554
(113) मोक्षसाधनम्
१ लौकायतम् .... 555
२ आर्हतम् .... 555
३ पाशुपतम् .... 556
४ गान्धर्वम् .... 557
५ सौगतम् .... 558
६ सांख्यम् .... 559
७ सेश्वरम् .... 559
८ तत्करणविकल्पः .... 559
९ साधननिवृत्तिविकल्पः 560
१० जीवन्मुक्तिः .... 561
११ अविद्यानिवृत्तिः .... 562
१२ मुक्तिविकल्पः .... 562
(114) भक्तिः
१ ज्ञानम् .... 563
२ भक्तिः .... 564
३ फलविकल्पः .... 565
४ पाञ्चरात्रसम्प्रदायः .... 566
५ सात्त्वतविचारः .... 566
६ पाञ्चरात्रप्रामाण्यम् .... 567
७ पाञ्चरात्रसारः .... 568
८ शास्त्रैक्यम् .... 569
९ ब्रह्मसूत्रम् .... 670
१० तत्रविशेषः .... 572
11 ईश्वरवाचिकल्पः I .... 574
12 व्योमातीतवादः II 575
(115) प्रपत्तिः
1 तत्र प्रमाणम् .... 576
2 लक्षणम् .... 577
3 विभागः .... 578
4 अङ्गानि .... 579
5 अनुष्ठानक्रमः .... 580
(116) नैयायिकसिद्धान्तः
1 दुःखमिश्रं सर्वम् .... 581
2 अनुष्ठानक्रमः .... 581
3 नित्यसुखनिरासः .... 582
4 अपवर्गसमुद्भवः .... 582
5 दुःखध्वंसः .... 584
(117) तन्त्रवार्तिकसिद्धान्तः
1 आत्मज्ञानं पुरुषार्थम् .... 584
2 तच्च त्रिविधम् .... 884
3 फलसंबन्धस्त्रिविधः .... 585
4 कर्मोपयोगः ... 585
5 समुच्चयः ... 585
6 श्लोकवार्तिकाभिप्रायः ... 586
7 विरोधपरिहारः .... 588
8 राणकपरिहाररहस्यम् 588
9 भाट्टसंप्रदायः .... 588
(118) अधिकारवादः
1 सर्वाधिकारः .... 590
विषयानुक्रमणिका xxiii
पुटसंख्या पुटसंख्या
२ अपशूद्राधिकारः .... 590 2 प्रमाणम् .... 605
३ ब्राह्मणाधिकारः .... 590 3 तर्काप्रतिष्ठानम् .... 606
४ द्विजाधिकारः .... 590 4 लाघवतर्कः .... 608
५ शूद्राधिकारः .... 591 5 सम्प्रदायः .... 609
६ संन्यासाश्रमः .... 591
७ अत्याश्रमः .... 592 (122) युक्तिप्राबल्यम्
८ स्वतन्त्रसिद्धान्तः .... 593 1 युक्तेः प्रामाण्यम् .... 610
९ सर्वमुक्त्यधिकारः .... 593 2 युक्तेः प्राधान्यम् .... 611
१० स्त्रीणामधिकारः .... 595 3 युक्तेरावश्यकता .... 612
११ फलितांशः .... 595 4 शास्त्रमुपसर्जनम् .... 614
१२ अधिकारतत्त्वम् .... 595 5 वेदनिन्दाविचारः .... 615
(119) कर्मज्ञानतत्त्वम्. (123) विचारनिरूपणम्.
१ ज्ञानं सूक्ष्मं कर्म .... 596 1 प्रयोजनम् .... 616
२ तत्र सर्वमतानुगुण्यम् .... 597 2 सांख्ययुक्तिः .... 617
३ व्यवहारानुगुण्यम् .... 598 3 वैशेषिकयुक्तिः .... 618
४ अङ्गाङ्गिभावानुगुण्यम् .... 599 4 मीमांसकयुक्तिः .... 618
5 औपनिषदयुक्तिः .... 619
(120) प्रत्यक्षप्राबल्यम्. 6 अज्ञानतत्त्वम् .... 620
१ केवलप्रत्यक्षप्राबल्यम् .... 600 7 वैताण्डिकखण्डनम् .... 621
२ केवलनिर्विकल्पकप्राब-
ल्यम् .... 600 (124) बलाबलसारांशः
३ उपजीव्यप्राबल्यम् .... 601 1 लोको वेदश्च .... 623
४ औपनिषदप्राबल्यम् .... 602 2 सामरस्योपायाः .... 624
५ विरोधाभाववर्णना .... 603
६ निर्विकल्पकविषयसम- (125) उपसंहारः
र्थनम् .... 604 1 देशः .... 625
2 कालः .... 626
(121) शास्त्रप्राबल्यम्. 3 मङ्गलाशासनम् .... 628
१ निदानम् .... 605
आकारग्रन्थः
[वामस्तम्भः / Left Column]
अधिकरणसारावळिः
अनुव्याख्यानम्
अर्थसंग्रहः
अवैदिकदर्शनम्
आगमप्रामाण्यम्
आत्मसिद्धिः
आप. ध. — आपस्तम्बधर्मः
आप. प — आपस्तम्बपरिभाषा
आप्तमीमांसा
उपस्कारवृत्तिः वैशेषिकसूत्रस्य
ऋक्संहिता
काव्य. सं. — काव्यप्रकाशसङ्केतः
काव्यादर्शः
काव्यालङ्कारसूत्रम्
किरणावळिः
खण्डन-खण्डखाद्यम्
गौ. का. — गौडपादकारिका
गौ. ध. — गौतमधर्मः
जै. सू. — जैमिनिसूत्रम्
जै. मा. — जैमिनीय न्यायमाला
त. कौ. — तत्त्वकौमुदी
तत्त्वचिन्तामणिः
त. टी-तत्त्वटीका-श्रीभाष्यव्याख्या
तत्त्वत्रयस्य व्याख्या लोकाचार्य-
कृतस्य
त. क. — तत्त्वमुक्ताकलापः
तत्त्ववैशारदी
तत्त्वसंख्यानम्
[दक्षिणस्तम्भः / Right Column]
तत्त्वार्थराजवार्तिकम्
तन्त्र. तन्त्रवार्तिकम्
तात्पर्यचन्द्रिका गीताभाष्यव्याख्या
तात्पर्यदीपिका — वे. सं. व्या.
तैत्तिरीयसंहिता
दृग्दृश्यविवेकः
ध्वन्यालोकः
न्या. क. — न्यायकर्णिका
न्यायकन्दळी
न्या. कु. — न्यायकुसुमाञ्जलिः
न्या. प. — न्यायपरिशुद्धिः
न्या. वि. — न्यायबिन्दुः
न्या. भा. — न्यायभाष्यम्
न्या. म. — न्यायमञ्जरी
न्या. मा. — न्यायरत्नमाला
न्या. र. — न्यायरत्नाकरः
न्या. ता-न्यायवार्तिकतात्पर्यटीका
न्या. सि. — न्यायसिद्धाञ्जनम्
न्यायसुधा — राणकम्
न्या. सू. — न्यायसूत्रम्
न्या. सू. वृ. — न्यायसूत्रवृत्तिः
पञ्चपादिकाविवरणम्
प. म-परमतभङ्गः वेदान्ताचार्यकृत
पाणिनिसूत्रम्
पातञ्जलयोगसूत्रम्
पाञ्चतन्त्रम्
पा. भा. — पातञ्जलयोगभाष्यम्
प्र. क. — प्रकरणपञ्चिका
XXV
d
१. मान-भाग (प्रमाण परिच्छेद): प्रत्यक्ष, अनुमान एवं उपमान प्रमाण
XXVI आकरग्रन्थः
(स्तम्भ १)
प्र. चं.—प्रबोधचन्द्रोदयः
प्र. त—प्रमाणनयतत्त्वालोकालङ्कारः
प्रमाणपद्धतिः
प्रमेयकमलमार्ताण्डः
प्रश्नोपनिषत्
बालप्रकाशः
बृ. उ.—बृहदारण्यकोपनिषत्
ब्र. सू.—ब्रह्मसूत्रम्
भ. गी.—भगवद्गीता
भा. दी.—भाट्टदीपिका
भाट्टरहस्यम्
भामती
भारतम्
भा. भा.—भास्करभाष्यम्
मनुस्मृतिः
म. भा.—महाभाष्यम्
महाविद्या
मा. वृ.—माध्यमिकवृत्तिः
मानमेयरहस्यश्लोकवार्तिकम्
मानमेयोदयः
मीमांसाकौस्तुभः
याज्ञवल्क्यस्मृतिः
रघुवंशः
रहस्य—त्रयसारः
राज—मार्ताण्डः
रामायणम्
वररुचिवार्तिकम्
वा. प.—वाक्यपदीयम्
वादावलिः अनन्तार्यकृता
(स्तम्भ २)
वि. वि.—विधिविवेकः
विष्णुपुराणम्
वेदान्तपरिभाषा
वे. सं.—वेदार्थसंग्रहः
वैयाकरण—भूषणसारः
वै. सू.—वैशेषिकसूत्रम्
वै. भा.—वैशेषिकभाष्यम्
व्युत्पत्तिवादः
शक्तिवादः
शब्द—शक्तिप्रकाशिका
शतदू—शतदूषणी
शा. भा.—शाबरभाष्यम्
शास्त्र—दीपिका
श्रीभा—श्रीभाष्यम्
श्रुत—प्रकाशिका
श्लोक—वार्तिकम्
श्वेताश्वतरोपनिषत्
सम्बन्ध—वार्तिकम्
संवित्सिद्धिः
सच्चरित्ररक्षा—वेदान्ताचार्य
स. सं.—सर्वदर्शनसंग्रहः
स. सि.—सर्वार्थसिद्धिः
सांख्य—कारिका
सि. मु.—सिद्धान्तमुक्तावलि
सिद्धान्तलेशसंग्रहः
सेश्वर—मीमांसा
स्पन्दप्रदीपिका
स्मृतिचन्द्रिका
हेमाद्रिपरिशिष्टम्
आकरग्रन्थसंकेतः
पुट. पङ्कि. सङ्केताः | पुट. पङ्क्तौ. सङ्केताः
3 5 जै. न्या. 1-1-2 | 18 3 बृ. उ 6-5
3 7 न्या. मा. 427 | 18 7 वा. प 1-8
4 7 न्या. बि. 2 | 19 10 स. सं 9 द.
4 8 न्या. ता. 2 | 19 12 भा. भा 121
4 13 प्र. त. 6 | 19 18 प्र. त 145
5 19 वररुचि 1-1-1 | 20 1 स. सं 2 द.
6 3 जै. सू. 1-1-5 | 20 15 अ. द. विज्ञानवादः
6 6 वा. प. 1-23 | 21 1 स. सं 2 द.
6 9 श्लोक 4 | 21 5 न्या. र 218
7 3 ,, 831 | 21 19 भा. भा 121
8 5 त. टी. मङ्गलवादः | 22 11 भामती 2-2-17
9 1 गौ. का 4-100 | 25 15 श्रुत 2-2-18
9 12 मनु 4-146 | 27 13 न्या. र 321
9 13 न्या. सू 1-1-26 | 27 15 ,, 274
10 3 ,, 4-1-41 | 27 17 स. सि 4-18
10 16 प्र. चं 6-12 | 28 1 स. सं 2 द,
11 12 न्या. सू 1-1-1 | 28 11 मा. ट 184
11 19 वा. प 1-1 | 29 9 ,, 190
12 20 वै. सू 8-2-3 | 30 9 स. सं 2
13 7 वा. प 2-441 | 31 18 भा. भा 123
13 9 अ. द. शून्यवादः | 31 20 पा. भा 4-20
13 15 वा. प 1-34 | 32 9 स. सि 1-10
14 1 श्लोक 633 | 32 12 न्या. र 576
14 13 मा. वृ 4 | 32 13 सं. सि 1-8
14 17 गौ. का 3, 17 | 32 19 भा. भा 116
15 3 प. म 6 म. | 33 3 स. सि 1-31
17 17 सा. का 17 | 34 9 न्या. सि 1 परि.
xxvii
xxviii आकरग्रन्थसंकेतः
पुट. पङ्कि. सङ्केताः. | पुट. पङ्कि. सङ्केताः.
34 12 श्लोक 735 | 65 8 बृ. उ. शं 5-8-12
35 11 न्या. म 94 | 66 5 भा. भा 134
36 8 न्या. भा 1-1-1 | 66 15 ,, 16
36 13 सि. मु 2 श्लो. | 67 13 ,, 96
37 17 न्या. म 560 | 67 15 ,, 99
38 3 न्या. कु 5 स्त. | 68 3 अर्थसंग्रहः
38 5 न्या. क 167 | 69 7 न्या. क 287
39 13 स. सं 9 द. | 70 5 पञ्चपादिकाविवरण
39 15 वै. भा. मङ्गलम् | 71 9 स. सि 1-6
40 10 न्या. म 433 | 73 2 वे. सं 135
41 14 न्या. कु 1 स्त. | 73 9 तत्त्वसंख्यानम्
42 8 न्या. प 16 | 74 14 अनुव्याख्यानम्
44 10 भा. भा 116 | 75 7 स. सं 5 द.
45 3 ,, 87 | 76 3 स. सं 3 द.
45 10 पा. भा 4-34 | 77 12 प्र. त 5-3
46 3 त. कौ 9 का. | 78 13 प्र. त 4-15
46 5 श्लोक 302 | 78 17 आप्तमीमांसा
46 14 त. कौ 33 का. | 79 7 प्रमेयकमल
48 12 ,, 27 का. | 79 17 त. क 5-133
49 11 पा. भा 2-13 | 81 1 न्या. कु 1 स्त.
50 17 ,, 1-24 | 81 6 प्र. त 4-10
52 11 राजमा. 4-29 | 81 17 वे. सं 11
53 1 पा. भा 1-48 | 82 10 श्लोक 190
54 18 स. सि 4-30 | 85 3 शब्द 19-97
57 5 राजमा. 4-23 | 85 11 शक्तिवादः
59 9 पा. भा 4-13 | 86 7 श्लोक 202
61 9 पा. भा 4-31 | 87 3 प्रक 5 प्र.
63 13 मानमेयोदय | 87 17 श्लोक 438
64 13 श्लोक 177 | 89 7 न्या. कु 3 स्त.
65 3 श्लोक 297 | 89 11 श्लोक 563
आकारग्रन्थसंकेतः
पुट. पङ्कि. संकेताः | पुट. पङ्कि. संकेताः
90 14 न्या. र 740 | 115 9 न्या. र 181
90 18 स. सि 1-60 | 115 11 ,, 183
91 17 वा. प 1-111 | 115 13 न्या. ता 97
92 1 वि. वि 75 | 116 10 न्या. र 146
92 5 न्या. म 136 | 116 20 श्लोक. 188
96 15 स. सि 1-66 | 117 9 न्या. म 73
97 17 वे. सं 68 | 117 19 किर 75
98 13 प. म 3 भ. | 118 18 श्लोक 763
99 19 पा. भा 3-51 | 120 1 ,, 508
100 15 भा. भा 196 | 120 12 भा. भा 72
101 13 वै. सू 2-1-27 | 121 1 प्र. त 48
102 3 वा. प 1-117 | 122 12 प. म 6 भ.
102 7 स. सि 1-42 | 124 3 न्या. र 150
105 1 स. सि 1-8 | 126 3 ,, 664
105 13 न्या. म 503 | 129 13 न्या. सू 3-1-1
105 19 स. सि 1-18 | 130 5 ,, 1-1-30
107 1 मनु 8 132 | 130 13 न्या. म 429
107 1 याज्ञ 1-361 | 132 7 शा. भा. आत्मच
107 5 स. सि 1-19 | 145 15 तन्त्र 376
108 19 श्लोक 650 | 147 17 ,, 381
109 7 स. सि 2-27 | 148 5 ,, 372
109 15 न्या. सू 1-1-11 | 149 3 ,, 375
109 17 श्री भा 2-1-9 | 149 10 प्र. क 8 प्र.
110 9 प. म 17 भ | 152 1 ब्र. सू. शं 3-3-5
110 17 तन्त्र 3-1-7 | 154 11 स. सि 2-1
112 13 सा. का 39 | 156 3 प्र. त 145
113 13 वेदान्तपरिभाषा | 158 11 स. सि. 1-8
114 1 स. सि 1-11 | 159 15 न्याम. 94
114 7 न्या. कु 1 स्त. | 159 1 न्या. ता 89
115 7 प. म 3 भ. | 160 1 न्या. र 590
xxx आकरग्रन्थसंकेतः
पुट. पङ्कि. सङ्केतः | पुट. पङ्कि. सङ्केतः
160 9 त. टी 32 | 184 12 न्या. कु 1 स्त.
161 6 त. कौ 9 का | 185 1 स. सि 2-1
161 11 स. सि 1-8 | 185 15 वे. सं 73
162 11 न्या. ता 107 | 186 8 साहित्यरत्नाकरः
164 17 न्या. सि 1 परि | 187 1 मानमेय 495
165 13 श्लोक. 178 | 187 9 श्री भा. श्रुतिघट्टः
166 11 ,, 297 | 187 18 वे. सं 248
166 17 ,, 588 | 188 4 न्या. म 74
167 7 ,, 632 | 188 7 न्या र 319
168 2 तत्त्ववै. 3-13 | 189 3 श्लोक 318
169 5 श्लोक. 169 | 190 7 प्र. त 35
169 9 तत्त्वार्थराज | 190 15 श्रीभा महासिद्धान्त
170 1 पा. भा 3-43 | 191 15 स. सि 1-8
170 5 ,, 3-43 | 191 16 वा. प 1-112
170 13 श्लोक. 202 | 192 3 न्या. सू. वृ 2-2-1
172 11 मुण्डकभा. रं 1 मु | 192 11 वा. प 1-117
172 16 मानमेयोदयः | 192 15 ,, 1-1
173 19 स. सि 5-33 | 192 17 प. म 14 भ.
174 1 श्लोक. 835 | 192 20 प. म 14 भ.
174 6 काव्यादर्शः | 193 11 न्या. म 216
175 1 स. सि 5-27 | 194 7 शा. भा 1-1-5
176 3 न्यायकन्दळी | 195 9 श्लोक 802
176 8 उपस्कारवृत्तिः | 195 11 ,, 806
176 9 स. सि 5-41 | 196 1 ,, 811
177 7 ,, 5-45 | 196 11 ,, 526
178 11 ,, 5-51 | 196 19 न्या. म 220
179 3 श्रीभा. महासिद्धान्तः | 197 5 श्लोक 763
179 7 स. सि 5-52 | 198 6 ,, 511
180 15 ,, 5-56 | 199 8 वा. प 1-94
181 3 ,, 5-58 | 199 17 श्लोक 786
आकरग्रन्थसंकेतः
पुट. पङ्क्ति. सङ्केताः | पुट. पङ्क्ति. सङ्केताः
200 7 सि. मु 161 का. | 219 2 श्री भा 2-2-3
200 12 न्या. कु 1 स्त. | 219 7 भ. गी 9-10
200 17 श्लोक 107 | 220 3 श्री भा 2-2-3
201 19 ,, 49 | 220 17 श्लोक 683
202 11 न्या. म 471 | 221 3 ,, 684
203 5 न्या. कु 1 स्त. | 221 10 गौ. ध 11-31
203 17 स. सि 2-48 | 221 15 न्या. सू 2-1-57
204 3 श्लोक 120 | 222 13 श्लोक 657
204 15 ,, 118 | 223 9 ,, 655
204 17 मनु. 5-55 | 223 19 तन्त्र 81
205 1 बृ. उ 3-4-14 | 224 1 वेदान्तपरिभाषा
205 13 आप. ध 1-20-7 | 224 9 याज्ञ. 1-384
207 3 तन्त्र 380 | 225 1 भ. गी 18-14
207 9 रामा 4-18 | 226 9 पाणिनि. 1-4-45
207 14 न्या. र 4 | 226 9 श्लोक 865
207 16 गौ. ध 21-4 | 226 13 ब्र. सू 2-3-40
208 3 याज्ञ 3-219 | 227 6 ,, 2-3-41
208 15 न्या. मा 103 | 229 18 तात्पर्य 18-14
208 19 आप. ध 1-20-3 | 230 20 ,, 3-30
209 5 श्लोक 653 | 230 6 स. सि 5-107
209 19 व्युत्पत्तिवादे लिङर्थः | 230 20 न्या. र 371
210 15 श्लोक 117 | 231 3 पा. भा 4-21
211 6 श्री भा 3-1-25 | 231 13 वै. सू 1-1-11
212 3 त. टी 145 | 231 15 वै. सू. वृ 5-1-1
212 17 भार. नारायणीयम् | 232 4 जै. सू 3-1-10
215 11 विष्णु 4-6-94 | 232 9 श्लोक 927
216 15 भार 3-30-28 | 232 17 व्या. सि 5 परि.
216 18 स. सं 6 दृ. | 233 9 न्या. म. 220
217 10 तात्पर्य 3-8 | 233 15 ,, 225
218 4 श्रु. त प्र 2-3-41 | 233 19 श्लोक 689
xxxii आकारग्रन्थसंकेताः
पुट्. पङ्कि. सङ्केताः. पुट्. पङ्कि. सङ्केताः.
235 17 न्या. म 278 247 17 रहस्यत्रय—प्रभाव
236 3 प्रक. 3 प्र. व्यवस्थ
237 1 त. टी 74 248 4 सच्चरित्ररक्षा 31
237 5 न्या. म 298 248 5 मनु 10-5
237 13 न्या. र 578 248 7 प्रमेयकमल.
238 19 प्र. क 3 प्र. 252 1 न्या. र 819
239 5 श्लोक 557 252 3 न्या. म 312
240 13 ,, 622 252 9 श्लोक 622
241 1 वैया. भूषणं 252 14 शतदू 10 भ.
241 11 सिद्धान्तकौ. स्त्री. 252 15 त. कौ 9 का.
241 15 त. टी 75 254 4 न्या. भा 2-1-34
242 13 ,, 78 254 19 न्या. म. 359
242 16 प्र. त 74 256 5 श्लोक 272
243 8 सेश्वर 1-2-2 257 3 स. सि. 4-28
243 9 मनु 9-20 257 14 श्रीभा. अहमर्थात्मस
243 11 जै. सू 1-2-2 257 16 न्या. र 319 [मर्थ
244 3 पाणिनि 2-2-6 258 17 न्या. सि. बुद्धिपरि.
244 8 मनु 10-5 259 4 श्लोक 288
244 9 भारत 14-39 259 19 ,, 866
244 12 श्रुतप्र 1-3-7 260 2 स. सि 1-26
244 15 शतपथ 3-1-1-40 260 9 श्रीभा 2-3-45
244 17 पाद्म-चर्या 1-8 260 11 स, सि 4-84
245 1 तत्त्वत्रयव्या 173 260 19 वे. सं 110
245 5 तन्त्र 1-2-3 264 4 न्या. म 63
245 15 श्लोक 620 265 9 न्या. सि 6 परि.
246 7 मी. कौस्तुभः 1-2-2 265 17 भा. भ 99
246 13 सेश्वरमी 1-2-2 266 4 श्रीभा. भेददूषणम्
247 2 प. म 6 भ. 266 6 वेदान्तपरिभाषा.
247 3 याज्ञ 1-96 266 14 न्या. कु 1 स्त.
247 11 भ. गी 18-42 266 19 न्या. म 49
आकारग्रन्थसंकेतः | xx..
पुट. पङ्कि. सङ्केताः | पुट. पङ्कि. सङ्केताः
271 11 श्लोक 475 | 297 17 न्या. म 15
273 5 स. सि 4-18 | 298 5 स. सि 4-25
274 3 श्लोक 249 | 298 9 न्या. म 87
275 15 शा. भा 2-1-7 | 299 4 प्र. क 4 प्र
276 15 न्या.प.अनुमानाध्यायः | 300 12 श्लोक 242
277 7 न्यायबिन्दुटीका | 301 6 प्रमाणपद्धतिः
278 3 श्लोक 157 | 301 12 श्रीभा. ख्यातिवादः
278 8 प्र. त 1-3 | 302 14 स. सि 4-11
278 11 ,, 90 | 302 17 खण्डनखण्डखाद्यम्
279 1 न्या. कु 4 स्त. | 303 1 वेदान्तपरिभाषा
279 7 न्या. र 157 | 303 15 स. सि 4-16
280 5 श्लोक 318 | 304 15 श्लोक 255
280 17 ,, 833 | 305 7 काव्यप्रकाश सं 67
281 1 प्रक. 5 प्र. | 306 7 स. सि 3-50
281 17 न्या. सू 1-1-15 | 306 9 ,, 4-18
282 9 आत्मसिद्धिः 21 | 306 20 श्री भा. ख्यातिवाद
283 5 न्यायपरिशुद्धिः 21 | 307 7 श्लोक 218
284 17 न्या. म 432 | 310 2 वा. प 2-441
284 19 प्रमाणपद्धतिः | 310 5 न्या. म 448
285 4 न्यायपरिशुद्धेः | 311 11 वा. प. 2-347
287 1 श्लोक 54 | 312 3 शा. भा 1-1-5
290 2 त. कौ 64 का | 312 15 पात. 4-19
290 11 प्र. क 4 प्र. | 313 9 स. सि 4-2
291 5 न्या कु 2 स्त. | 317 9 त. कौ 5 का
294 14 भा. भा 123 | 317 17 न्या. म 23
294 20 न्या. म 17 | 317 19 न्या. म 33
295 3 अधिकरण 2-2-30 | 318 3 पात. 4-1
295 15 श्लोक 327 | 319 11 श्लोक. 88
296 7 स. सि 4-30 | 319 12 तञ्च. 178
297 3 श्लोक 279 | 319 15 श्लोक. 75
M. R. | c
xxxiv \qquad\qquad आकरग्रन्थसंकेतः
पुट. \quad पङ्क्ति. \quad सङ्केताः \qquad\qquad\quad\mid\quad पुट. \quad पङ्क्ति. \quad सङ्केताः
३२१ \quad १ \quad आप. ध. व्या १-१-२ \quad\mid\quad ३४५ \quad १९ \quad न्या. सू २-१-२८
३२१ \quad १७ \quad श्लोक. ९१ \qquad\qquad\mid\quad ३४६ \quad ३ \quad न्या. म ४३२
३२२ \quad ३ \quad न्या. सि १ परि \qquad\quad\mid\quad ३४६ \quad ५ \quad न्या र १७६
३२२ \quad १३ \quad न्या. म १०५ \qquad\qquad\mid\quad ३४७ \quad ७ \quad ,, \qquad ५९०
३२४ \quad १ \quad स. सि ३-२ \qquad\qquad\mid\quad ३४७ \quad ९ \quad ,, \qquad ५९२
३२४ \quad ३ \quad ,, \qquad ३-७६ \qquad\mid\quad ३४७ \quad १३ \quad श्लोक. १६९
३२४ \quad ६ \quad न्या. म १०८ \qquad\qquad\mid\quad ३४७ \quad १७ \quad वा. प १-१२४
३२४ \quad १० \quad स. सि ४-११६ \qquad\quad\mid\quad ३४८ \quad ७ \quad न्या. सू १-१-४
३२५ \quad १९ \quad स. सं ३ द \qquad\qquad\mid\quad ३४९ \quad १ \quad सि. मु १३५ का
३२६ \quad ३ \quad भ. गी ४-३८ \qquad\qquad\mid\quad ३४९ \quad ३ \quad वि. वि ११४
३२६ \quad ७ \quad भा. भा १२३ \qquad\qquad\mid\quad ३४९ \quad ११ \quad त कौ २७ का
३२६ \quad १९ \quad वै. भाष्यम्. \qquad\qquad\mid\quad ३५० \quad १ \quad न्या. र ५७८
३२७ \quad ३ \quad न्या. म ५३६ \qquad\qquad\mid\quad ३५० \quad ७ \quad श्लोक १७३
३२९ \quad ५ \quad न्या. र २६४ \qquad\qquad\mid\quad ३५२ \quad १ \quad वे. सं ४९
३३३ \quad ३ \quad त. कौ ११ का \qquad\quad\mid\quad ३५२ \quad १९ \quad न्यायबिन्दुटीका
३३३ \quad ६ \quad न्या. ता १४६ \qquad\qquad\mid\quad ३५४ \quad ७ \quad मानमेयोदयः
३३३ \quad १३ \quad श्लोक. २९२ \qquad\qquad\mid\quad ३५४ \quad ११ \quad प्र. क ५ प्र
३३४ \quad १ \quad ,, \qquad २८५ \qquad\mid\quad ३५६ \quad ५ \quad न्या. म ६४
३३६ \quad १९ \quad स. सि ४२० \qquad\qquad\mid\quad ३५६ \quad १५ \quad न्या. र ७५९
३३८ \quad १९ \quad न्या. म ४४८ \qquad\qquad\mid\quad ३५८ \quad ७ \quad श्लोक. ७७५
३४० \quad ७ \quad ,, \qquad ४५३ \qquad\mid\quad ३५९ \quad १६ \quad श्लोक. ४१३
३४१ \quad ११ \quad श्लोक. ८४१ \qquad\qquad\mid\quad ३६० \quad १ \quad स. सि ४-४१
३४३ \quad १ \quad न्या. सू ३-१-१९ \qquad\mid\quad ३६२ \quad ५ \quad प्र. त ३-९
३४३ \quad ९ \quad स. सि १-२६ \qquad\qquad\mid\quad ३६२ \quad ७ \quad स. सि ४-५८
३४३ \quad १७ \quad न्या. कु १ स्त \qquad\quad\mid\quad ३६३ \quad ९ \quad न्या. म १२४
२४३ \quad १९ \quad न्या. सि १ परि \qquad\quad\mid\quad ३६४ \quad ७ \quad न्या र ४८८
३४४ \quad ९ \quad तन्त्र. ८१ \qquad\qquad\mid\quad ३६४ \quad ९ \quad न्या. त १०५
३४४ \quad १३ \quad न्या. सू ४-२-२९ \qquad\mid\quad ३६६ \quad २ \quad स. सं २ द्.
३४५ \quad ७ \quad न्या. म ९२ \qquad\qquad\mid\quad ३६६ \quad ५ \quad न्या. कु. १ स्त
३४५ \quad १५ \quad प्रक. ५ प्र \qquad\qquad\mid\quad ३६६ \quad १५ \quad न्या. र ३९६
आकरग्रन्थसङ्केतः
पुट. | पङ्कि. | सङ्केताः | पुट. | पङ्कि. | सङ्केताः
367 | 7 | न्या. र 402 | 383 | 16 | तत्त्वचिन्तामणि
368 | 7 | न्या. म 33 | 384 | 7 | न्या. म 122
368 | 9 | न्या. र 250 | 384 | 10 | न्या. मा 57
369 | 2 | न्यायक 167 | 384 | 11 | श्लोक 348
369 | 11 | स. सि 4-42 | 385 | 5 | न्या. मा 122
370 | 5 | न्या. म 109 | 385 | 17 | श्लोक 381
371 | 3 | सि. मु 136 ता. | 386 | 3 | न्या. मा 56
371 | 19 | श्लोक 359 | 386 | 13 | प्र. त 3-38
372 | 11 | स. सि 4-43 | 386 | 18 | न्या. म 111
374 | 8 | ,, 4-44 | 387 | 3 | न्या. र 387
374 | 15 | न्यायपरिशुद्धिः | 387 | 14 | श्लोक 585
375 | 13 | प्र. त 3-11 | 389 | 7 | न्यायपरि 79
375 | 14 | ,, 2-1 | 389 | 18 | स. सि 4-53
376 | 2 | न्यायपरि | 390 | 17 | तत्त्वमुक्ता 4-51
376 | 10 | न्या. र 402 | 391 | 2 | स सि 4-49
376 | 20 | प्र. त 13 | 391 | 15 | न्या. वा 120
377 | 7 | न्यायपरि 150 | 392 | 20 | न्या. म 118
377 | 17 | न्यायबिन्दुः | 393 | 3 | ,, 123
377 | 19 | न्या. र 377 | 394 | 3 | वैशेषिकभाष्यम्
378 | 8 | किर 143 | 394 | 6 | न्या. भा 1-1-32
378 | 11 | न्या. ता 109 | 395 | 8 | न्या. म 584
378 | 13 | वैशेषिकभाष्यम् | 395 | 11 | मानमेयोदयः
378 | 15 | न्या. सू 1-1-5 | 396 | 1 | प्र. त 3-9
379 | 5 | वै. सू 3-2-7 | 396 | 5 | ,, 3-13
380 | 1 | श्लोक 392 | 396 | 15 | ,, 3-42
381 | 9 | न्या. म 133 | 397 | 9 | न्या. र 250
381 | 15 | न्यायपरि 80 | 397 | 17 | ,, 258
382 | 7 | शा. भा 1-1-2 | 398 | 5 | श्लोक 260
382 | 10 | न्या. सू 2-1-8 | 398 | 11 | ब्र. सू. शं 2-1-1
383 | 7 | न्या. र 388 | 399 | 12 | मानमेय 305
xxxvi आकारग्रन्थसंकेताः
पुट. पङ्कि. संकेताः | पुट. पङ्कि. संकेताः
399 13 वैशेषिकभाष्यम् | 419 7 श्लोक 488
400 1 सि. मु 71 का. | 419 13 न्याः र 482
400 13 प्र. त 6-47 | 419 17 श्लोक 197
401 3 स. सं 2 द् | 420 1 न्या. र 483
401 5 न्यायप 167 | 422 3 प्र. क 9 प्र.
401 8 न्या. कु 3 स्त. | 422 5 न्या. र 588
402 18 शास्त्रदी 1-1-5 | 422 17 ,, 941
403 5 श्लोक. 375 | 423 5 ,, 410
403 20 न्यायप. 175 | 423 7 ,, 562
404 5 न्या. म 590 | 424 5 श्लोक. 410
405 10 शतदू. 9 | 424 7 ,, 432
405 11 स सि 4-63 | 424 11 न्या. र 503
407 9 न्या. ता 499 | 425 10 मानमेय 411
408 11 श्लोक 433 | 427 17 सं. वा 500 श्लो
409 7 न्या. भा 1-1-6 | 427 20 न्या. र 402
409 17 न्या र 435 | 428 1 श्लोक. 418
409 19 न्या. कु 3 स्त | 428 8 न्याः कु 3 स्त
410 4 श्लोक. 433 | 428 19 श्लोक. 913
411 9 न्या. म 245 | 429 5 ध्वन्या 200
411 12 श्लोक. 680 | 430 12 मानमेयोदयः
411 17 वै. सू 7-2-20 | 430 17 मानमेय 110
412 3 श्लोक 450 | 431 7 न्या. कु 2 स्त
413 1 प्रक 5 प्र. | 431 9 न्या. र 909
413 19 न्या. कु. 3 स्त | 432 3 ,, 367
414 5 श्लोक 463 | 432 9 काव्यप्रकाशसं 2
415 3 पा. सू 1-4-36 | 433 2 मानमेय 519
415 7 श्लोक 49 | 433 11 न्या. सि 6 परि
415 11 ,, 475 | 434 9 स. सि 4-81
417 5 न्या. कु 3 स्त | 435 3 श्लोक. 924
418 1 न्या. र 486 | 435 6 शब्दशक्तिप्रका
आकरग्रन्थसङ्केतः
पुट. पङ्क्ति सङ्केताः | पुट. पङ्क्ति सङ्केताः
436 1 वा. प 1-134 | 458 1 न्या. ता 42
436 7 तन्त्र 199 | 458 8 तन्त्र 80
437 8 स्तोत्ररक्षा 4 श्लो. | 458 15 जै. मा 12
437 9 तन्त्र 233 | 460 7 प्रक. अतिदेशपार
438 1 ,, 157 | 463 6 तन्त्र 731
438 5 ,, 429 | 463 11 न्यायसु 3-3-14
438 11 ,, 535 | 463 13 बालप्रकाशः
441 17 ऋक्संहिता 10-71-3 | 463 19 न्या. म 589
441 18 मनु 2-1 | 465 10 बालप्रकाशः
442 2 तन्त्र 132 | 469 12 सुधीविलोचनम्
442 12 स. सि 4-113 | 470 9 वि. वि 450
443 15 तन्त्र 115 | 485 6 तन्त्र 337
444 19 श्लोक 59 | 487 5 वै. सू. वृ 5-1-1
445 19 तन्त्र 170 | 487 19 न्या. सू 3-1-25
446 10 स. सं 2 दृ | 488 19 न्यायसु 26
446 18 न्या. कु 1 स्त | 489 4 वि. वि 243
449 20 आप-परिभाषा | 489 7 न्या. सू 1-1-24
450 15 स. सि 594 | 489 15 न्या. कु 5 स्त
451 7 स्मृतिचन्द्रिका | 490 3 वा. प 2-1
452 11 आगमप्रामाण्यम् | 490 17 ,, 2-30
452 20 न्यायपरिशुद्धिः | 491 3 रघुवं 1-1
453 15 श्रुत. अथशब्दार्थः | 491 19 वा. प 2-145
454 14 न्यायसुधा 183 | 492 1 ,, 2-30
455 4 न्या. भा 4-1-62 | 494 7 ,, 2-57
455 8 ब्र. सू 2-1-1 | 494 11 न्या. म 330
455 14 न्या. भा 1-1-1 | 495 15 तन्त्र 345
455 18 मनु 7-43 | 496 7 पा. भा 4-20
456 3 न्यायपरिशुद्धिः | 497 11 तन्त्र 351
456 11 प. म 15 भ. | 498 5 ,, 345
457 7 श्लोक 209 | 498 8 न्यायसु 579
xxxviii आकरग्रन्थसंकेताः
पृट. पङ्क्ति सङ्केताः | पृट. पङ्क्ति सङ्केताः
499 5 भाट्टररहस्यम् | 526 12 रामा 7-74
499 15 वि. चि 48 | 526 16 हेमा 661
499 17 न्या. म 345 | 526 19 गौ. ध 3-36
501 3 तन्त्र 240 | 527 1 ब्र. सू 3-4-18
502 7 जै. सू 6-2-9 | 527 10 मनु 4-176
503 1 भगी 4-1 | 527 12 प. म 6 भ.
503 7 प्रक. वाक्यार्थमातृका | 528 3 भ. गी 16-21
507 11 वादावलिः | 528 5 बृ. उ 7-2
508 5 तात्पर्यदी 215 | 528 13 न्या. ता 97
508 11 श्लोक 930 | 528 17 संबन्ध. 1008 श्लो
511 5 याज्ञ 3-219 | 529 3 रामा 2-105
511 13 न्या. सु 603 | 531 3 गौ. का 2-29
512 2 न्या. सू 3-1-25 | 531 10 तै. उ 4-10
512 16 न्या. म 356 | 531 12 मनु. 2-94
513 17 तन्त्र 240 | 531 18 श्वेता. 4 अ.
514 14 न्या. सू 1-1-24 | 531 19 तै. सं 6-3-10
515 14 न्या. कु 5 स्त. | 531 20 गौ. ध 3-36
515 17 वे. सं 214 | 532 7 वे. सं 248
516 10 अधिकर 20 श्लो. | 532 15 स. सि 2-75
519 9 न्या. म 395 | 533 2 न्या. सि 2 परि.
519 18 स. सि 4-91 | 533 13 न्यायपरिशुद्धिः
520 8 श्लो. क 432 | 534 9 तै. उ. शं 1-1
521 1 न्या. र 909 | 534 11 किर. 8
521 17 न्या. म 401 | 534 14 तन्त्र. 241
523 4 मनु 2-224 | 534 14 प्रक. 8 प्र.
523 10 भारत 18-6 | 537 15 न्या. भा 4-1-63
524 9 विष्णु 1-18 | 540 7 प्रश्नो. शं 6-3
524 14 तन्त्र 16 | 540 11 स. सं 6 दृ.
525 10 वे. सं 199 | 541 4 श्लोक. 695
525 18 भ. गी 17-11 | 541 6 तन्त्र. 375
आकरग्रन्थसङ्केतः xxx
पृष्ट. पङ्क्ति. सङ्केताः | पृष्ट. पङ्क्ति. सङ्केताः
541 13 संवित्सिद्धिः | 552 7 भा. भा 175
542 17 स. सि 2-17 | 552 15 वि. वि 440
542 20 न्या. कु 1 स्त. | 553 11 जै. सू 6-2-9
543 5 श्लोक. 696 | 554 1 याज्ञ. 1-123
544 7 ,, 105 | 554 2 मनु. 11-16
544 13 श्रीभा. 2-2-3 | 554 7 न्या. मा 193
545 1 श्लोक. 667 | 554 13 श्लोक 671
545 9 पा. भा 2-22 | 555 10 न्या. कु 1 स्त
545 13 न्यायक. 270 | 555 17 स. सं 3 द.
545 17 वै. भा गुणभागः | 557 11 याज्ञ. 3-113
546 5 न्यायसु. 330 | 559 13 स. सि 1-4
546 13 श्लोक. 671 | 560 16 सिद्धान्तलेशः
546 17 पा. भा 2-13 | 562 11 स. सि 4-18
547 5 न्या. म 520 | 563 11 शतदू. 7 स.
547 10 भ. गी 18-66 | 565 9 तात्पर्यदी. 2-3
547 12 ब्र. सू 4-1-7 | 565 5 वे. सं 248
548 4 संबन्ध. 117 | 565 9 काव्यालंका 2-2-2
548 15 न्या. सु 330 | 567 1 आगमप्रामाण्यम्
548 19 तै. उ शं 1-1 | 568 15 श्रीभा. 2-2-42
549 5 मु. उ 1-2 | 569 12 श्रीभाष्यारम्भे
549 6 भ. गी. 2-42 | 569 16 अधिकरण 15 श्लो
549 10 किर 12 | 571 1 ब्र. सू. 4-4-22
549 17 संबन्ध 238 श्लो. | 571 3 ,, 2-3-46
549 19 ब्र. सू 3-4-2 | 571 5 ,, 1-3-22
550 3 संबन्ध. 1133 श्लो. | 571 8 भ. गी. शं. 13-4
550 5 ,, 345 श्लो. | 571 13 ब्र. सू. 1-1-1
550 9 बृ. उ 6-4 | 572 3 भामत्यारम्भे
550 11 सिद्धान्तलेशसंग्रहः | 572 8 तत्त्वटीका
551 11 भा. भा 207 | 573 12 नैष्कर्म्य 90 श्लो.
552 1 श्रीभा. 1-1-4 | 574 11 स. सि 3-79
xi आकारग्रन्थसंकेताः
पुट. पङ्क्ति. सङ्केताः | पुट. पङ्क्ति. सङ्केताः
575 11 वे. सं 170 | 593 13 स. सि 2-42
575 19 छान्दो 8-1-1 | 594 1 भ. गी 9 माध्यायः
576 19 तै. उ 4-50, 51 | 594 7 ,, 18-56
576 18 श्वेता 6-18 | 594 19 पाञ्चरात्ररक्षा
577 1 छान्दो 2-2-23 | 595 3 प्र. त 166
577 4 रहस्यत्रयसारः | 595 8 गौतमधर्ममस्करी
579 3 न्या. सि 2 प | 596 3 भ. गी भा व्या 18-
579 8 भ. गी 18-66 | 597 1 शा. भा 1-1-20
581 7 न्यासदशकम् | 597 1 ब्र. सू 4-4-5
581 9 न्या. म 507 | 598 9 पाणिनि 4-4-34
582 15 किर 12 | 598 19 मनु 12-9
584 7 दिनकरीयारम्भे | 599 2 श्रीभाष्य
584 13 तन्त्र 240 | 600 16 न्या. कु 1 स्त
586 7 श्लोक 669 | 602 3 तत्त्वचिन्ता मङ्गलव
586 11 ,, 667 | 603 8 श्रीभा महापूर्वपक्ष
586 13 ,, 670 | 603 14 श्लोक 362
587 9 तन्त्र 16 | 604 7 शतदू 11 भ
587 11 श्लोक 673 | 605 17 तै. ब्रा 3-12-9
589 20 शास्त्र-मोक्षवादः | 606 1 कठोप 2-8
590 1 जै. सू 6-1-2 | 606 3 ,, 6-12
590 6 ब्र. सू 1-3-33 | 606 7 ,, 2-9
590 7 बृ. उ 5-5 | 606 9 केनोप 4
590 13 स. सि 2-37 | 606 11 जै. सू 1-1-2
590 13 सिद्धान्तलेश 3 प. | 606 12 ब्र. सू 1-1-3
591 3 मुण्ड. शं 1-1-1 | 606 13 ,, 2-1-10
591 4 वेदान्तपरिभा. व्या | 606 15 वा. प 1-34
591 18 सिद्धान्तलेश 3 प. | 606 19 ,, 1-137
592 18 ब्र. सू. शं 3-4-50 | 607 1 ,, 2-316
593 5 छान्दो 8-15 | 607 3 ,, 1-139
593 7 बृ. उ 5-5 | 607 9 मनु. 12-106
आकरग्रन्थसङ्केतः XII
[पृ]ट. पङ्कि. सङ्केतः | पुट. पङ्कि. सङ्केतः
607 11 मनु. 4-256 | 614 3 श्लोक. 75
607 13 स्मृतिचन्द्रिका | 614 5 ,, 88
608 1 न्या. सु 350 | 614 7 तन्त्र. 178
609 18 तन्त्र. 104 | 614 11 आ. ध-व्या 1-1-2
610 7 वा. प 2-119 | 615 16 प्र. चं 2-4
610 9 ,, 1-123 | 615 18 विष्णु. 3-18
610 11 ,, 2-149 | 619 1 स. सि 3-68
611 5 न्या. म 589 | 619 5 श्लोक. 202
612 11 वृ.-उ 4-4 | 619 9 ,, 331
612 13 स्मृतिचन्द्रिका | 622 5 मा. वृ 4
613 5 वा. प 2-140 | 622 9 त. टी 86
613 11 श्लोक. 520 | 628 17 रामा. 2-105
613 17 वा. प 2-143 | 628 18 भारत. शा 328
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