मालतीमाधवम् (महाकवि भवभूति - शास्त्रीय शृंगार एवं तान्त्रिक प्रकरण नाटक सम्पूर्ण १० अङ्क)
Malatimadhavam of Mahakavi Bhavabhuti with Commentary
महाकवि भवभूति द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअनुक्रमणी ।
अकरिष्यदसौ ९।५२ | आविर्भवन्ती ३।४ | कुवलयदल ५।५
अकरुण वितर ९।२३ | आश्चर्यमुत्पल ३।५ | केकाभिर्नीलकण्ठ ९।३०
अकारणस्नेह १०।६ | इदमिह २।६ | क्षिप्तनिद्रा २।१२
अतिमुक्तक ५।८ | इयमवयवैः ६।६ | गमनमलसं १।२०
अत्रान्तरे १।२९ | ईषत्तिर्यग्वलन ४।२ | गाढोत्कण्ठ ६।१९
अद्यैवेन्दुमयूख ८।१० | उज्ज्वलालोकया १०।४ | गात्रेषु चन्दन ९।२२
अयोजितं ७।४ | उत्कृत्योत्कृत्य ५।१६ | गुञ्जत्कुञ्ज ५।१९
अनियतरुदित १०।२ | उत्फुल्लार्जुनसर्ज ९।१७ | गुणापेक्षा २।७
अनुभवं वदने ३।१० | उद्दामदेह ६।१३ | गुणैः सतां न १।९
अनुरागप्रवा ९।१६ | उद्धृत्तस्खलित ५।३ | गुरुचर्या ९।५३
अङ्गैः कल्पित ५।१८ | उन्नालबाल ९।१३ | धर्माम्भो १।४०
अन्येषु जन्तुषु १।२३ | उन्मीलनमुकुल १।४१ | चिरादाशातन्तु ४।३
अन्योन्यसंभिन्न १।३६ | एकीकृतस्त्वचि १।१२ | चूडापीडकपाल १।९
अपत्यसंबन्ध १।१३ | एतत्पूतनचक्र ५।१४ | जगति जयिनस्ते १।३९
अपहस्तित ९।१९ | एतस्मिन्मदकल ९।१४ | जन्मान्तरादिव १०।१२
अपि चिन्ताम १०।२२ | एते केतकसून ९।४३ | जयदेव भुवन ९।४
अमिनवराग १०।३ | एषा प्रवासं १०।१३ | जलनिबिडित ४।१०
अभिहन्ति हन्त १।४२ | एह्येहि भूरि १०।२० | जितमिह ३।१५
अयमभिनव ९।५ | कच्चित्सौम्य ९।२५ | जीव जीवित १०।१८
अलसवलित १।३१ | कठोरास्थिग्रन्थि ५।३४ | जीवयन्निव ८।३
अविगणय्य नृपं १०।१६ | कण्डूकूङ्दमलिते ९।३२ | जृम्भाजर्जर ९।१६
अविरलमिव ३।१६ | कथमपि तदा ९।५० | ज्वलतु गगने २।२
अशस्त्रपूत ५।१२ | कथयति लयि ८।११ | ज्वलयति मनो ३।६
असारं संसारं ५।३० | कपालकुण्डला १०।१९ | तं भद्रे ५।२५
असौ विद्या २।११ | करालायतना ५।२१ | तत उदय २।१०
अस्तोकविस्सय ९।५५ | कर्णाभ्यर्ण ५।१३ | तथा विनय ३।१
अस्साकमेक ६।४ | कल्याणानां १।५ | तदेतदसितो ९।३८
आ जन्मनः प्रति १०।१ | काश्मर्याः कृत ९।७ | तन्मे मनः ४।८
आ जन्मनः सह ९।४० | किंवा भणामि ६।११ | तरुणतमाल ९।१८
आनन्दनानि ९।४८ | किमपि किमपि ८।१३ | तां याचते नर १।१४
आपूर्णश्च कला ९।२९ | किमयमसि १०।१० | तामिन्दुसुन्दर १।२१
आमूलकण्टकित ६।३९ | कुमुदाकरेण ९।४९ | ते श्रोत्रियास्त १।७