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सर्वकोश
महाभारत (खंड ५) - शान्ति पर्व

महाभारत (खंड ५) - शान्ति पर्व

Mahabharata (Vol 5) - Shanti Parva

महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा

DevanagariSanskritpublished2,450 पृष्ठ

पृष्ठ 143, कुल 2450 में से

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पृष्ठ 143

शत्रुओंको संताप देनेवाले युधिष्ठिर! इसी प्रकार रुद्र, वसु, आदित्य, साध्यगण तथा राजर्षिसमूहोंने सावधान होकर इस धर्मका आश्रय लिया है। फिर उन्होंने अपने पुण्यकर्मोंद्वारा स्वर्गलोक प्राप्त किया है ।। २० ।।

इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि राजधर्मानुशासनपर्वणि देवस्थानवाक्ये
एकविंशोऽध्यायः ।। २१ ।।

इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत राजधर्मानुशासनपर्वमें
देवस्थानवाक्यविषयक इक्कीसवाँ अध्याय पूरा हुआ ।। २१ ।।