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सर्वकोश
महाभारत (खंड ५) - शान्ति पर्व

महाभारत (खंड ५) - शान्ति पर्व

Mahabharata (Vol 5) - Shanti Parva

महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा

DevanagariSanskritpublished2,450 पृष्ठ

पृष्ठ 1294, कुल 2450 में से

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पृष्ठ 1294

अतः आप सामान्य और विशेष शब्दोंद्वारा इस सम्पूर्ण विषयका मेरे निकट वर्णन कीजिये। तत्त्वज्ञान होनेपर कौन-सा फल प्राप्त होता है? कर्म करनेपर किस फलकी उपलब्धि होती है? देहाभिमानी जीव देहसे किस प्रकार निकलता है और फिर दूसरे शरीरमें कैसे प्रवेश करता है?—ये सारी बातें भी आप मुझे बताइये ॥ ९⅓ ॥