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सर्वकोश
महाभारत (खंड २) - वन पर्व

महाभारत (खंड २) - वन पर्व

Mahabharata (Vol 2) - Vana Parva

महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा

DevanagariSanskritpublished2,580 पृष्ठ

पृष्ठ 1517, कुल 2580 में से

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पृष्ठ 1517

इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत मार्कण्डेयसमस्यापर्वमें
आंगिरसोपाख्यानविषयक दो सौ बीसवाँ अध्याय पूरा हुआ ।। २२० ।।


* भूः, भुवः, स्वः, महः, जनः—ये पाँच महाव्याहृतियाँ हैं। ध्यानके लिये मन्त्रप्रयोग इस प्रकार है—‘ॐ भूरन्नमग्नये पृथिव्यै स्वाहा’ इत्यादि।