महाभारत (खंड १) - आदि व सभा पर्व
Mahabharata (Vol 1) - Adi and Sabha Parva
महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंचित्र-सूची
(सादा)
१- उग्रश्रवाजीके द्वारा महाभारतकी कथा
२- रुरुके दर्शनसे सहस्रपाद ऋषिकी सर्पयोनिसे मुक्ति
३- भगवान् विष्णुने चक्रसे राहुका सिर काट दिया
४- ब्रह्माजीने शेषजीको वरदान तथा पृथ्वी धारण करनेकी आज्ञा दी
५- आस्तीकने तक्षकको अग्निकुण्डमें गिरनेसे रोक दिया
६- शुक्राचार्य और कच
७- ययातिका पतन
८- देवव्रत (भीष्म)-की भीषण प्रतिज्ञा
९- धर्मराज और अणीमाण्डव्य
१०- अणीमाण्डव्य ऋषि शूलीपर
११- शतशृंग पर्वतपर पाण्डुका तप
१२- बालक भीमके शरीरकी चोटसे चट्टान टूट गयी
१३- सुरंगद्वारा मातासहित पाण्डवोंका लाक्षागृहसे निकलना
१४- भीम अपने चारों भाइयोंको तथा माताको उठाकर ले चले
१५- हिडिम्ब-वध
१६- भीमसेन और घटोत्कच
१७- पाण्डवोंकी व्यासजीसे भेंट
१८- धृष्टद्युम्नकी घोषणा
१९- कुन्तीद्वारा ब्राह्मण-दम्पतिको सान्त्वना
२०- बकासुरपर भीमका प्रहार
२१- विश्वामित्रकी सेनापर नन्दिनीका कोप
२२- पाण्डव, द्रुपद और व्यासजीमें बातचीत
२३- व्यासजीद्वारा पाण्डवोंके पूर्वजन्मके वृत्तान्तका वर्णन
२४- सुन्द और उपसुन्दका अत्याचार
२५- तिलोत्तमाके लिये सुन्द और उपसुन्दका युद्ध
२६- सुभद्राका कुन्ती और द्रौपदीकी सेवामें उपस्थित होना
२७- श्रीकृष्ण और अर्जुनका देवताओंसे युद्ध
२८- अर्जुन और श्रीकृष्णको इन्द्रका वरदान
२९- पाण्डवोंद्वारा देवर्षि नारदका पूजन