माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित)
Madhava Nidana with Madhukosha & Hindi Translation
माधवकर द्वारा
स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंभाषाटीकासमेत । ( २६ )
अजघोष ९ ।
छगलकशरीरगन्धः स्कन्धरुजावान्निरुद्धगलरन्ध्रः ।
अजघोषसन्निपातादाताम्राक्षः पुमान्भवति ॥ ९ ॥
अजजोष सन्निपातसे बकरेकी गंधके समान शरीरमें गंध आती है, कन्धेमें पीडा
और गलेका छिद्र रुक जाता है लाल नेत्र हो जाते हैं इन लक्षणोंयुक्त पुरुष होता है ॥
भूतहास १० ।
शब्दादीनधिगच्छति न स्वान्विषयान् यदिन्द्रियग्रामैः ।
हसति प्रलपति परुषं स ज्ञेयो भूतहासार्त्तः ॥ १० ॥
जो इन्द्रियसमुदायसे अपने शब्दादि विषयोंको न समझता हो अर्थात् श्रोत्रे-
न्द्रियसे शब्द न सुनता हो, त्वगिन्द्रियसे स्पर्श न जानता हो इत्यादि, हँसता
होवे कठोर बडबडाता हो उसको भूतहासार्त सन्निपातसे पीडित जानना ॥
यंत्रापीड ११ ।
येन मुहुर्ज्वरवेगाद्यन्त्रेणेवावपीड्यते गात्रम् ।
रक्तं पीतं च वमेद्यन्त्रापीडः स विज्ञेयः ॥ ११ ॥
बारम्बार ज्वरके वेगसे यंत्रके सदृश जिसका शरीर पीडित किया जाय और
लाल पीला वमन करे उस मनुष्यको यन्त्रापीडसे पीडित जानना चाहिये ॥
संन्यास १२ ।
अतिसरति वमति कूजति गात्राण्यभिताश्चिरं नरः क्षिपति ।
संन्याससन्निपाते प्रलपति भुग्नाक्षिमण्डलो भवति ॥ १२ ॥
संन्याससन्निपातमें मनुष्यके दस्त होते हैं, वमन करता है, कुन २ शब्द . करता
है, चारों तरफ बहुत कालतक शरीरको फेंकता है, प्रलाप करता है और उस पुरु-
षकी आंखोंकी पुतली टेढी हो जाती है ॥
संशोषी १३ ।
मेचकवपुरतिमेचकलोचनयुगलो मलोत्सर्गात् ।
संशोषिणि सितपिटकामण्डलयुक्तो ज्वरो भवति ॥ १३ ॥
संशोषी सन्निपातमें मलके त्याग होनेसे काला शरीर और अत्यन्त काले दोनों
नेत्र हो जाते हैं और सफेद फुनसियोंके मण्डलसे युक्त पुरुष होता है ॥
इति कुम्भीपाकादीनां त्रयोदशानां लक्षणानि ।