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सर्वकोश
लीलावती (भास्कराचार्य द्वितीय - प्राचीन भारतीय गणित सटीक)

लीलावती (भास्कराचार्य द्वितीय - प्राचीन भारतीय गणित सटीक)

Lilavati of Bhaskaracharya with Hindi Commentary

भास्कराचार्य द्वितीय (११५० ई.) / पं. रामस्वरूप शर्मा द्वारा

DevanagariSanskritpublished268 पृष्ठ

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पृष्ठ 20

(४) लीलावती।
अथ क्षेपकम्-
पादोनगद्याणकतुल्यटंकैर्द्विसप्ततुल्यैः कथितोऽत्र सेरः ॥
मणाभिधानं खयुगैश्च सेरैर्धान्यादितौल्येषु तुरुष्कसंज्ञा ॥ १ ॥
अन्वयः-पादोनगद्याणकतुल्यटंकैः द्विसप्ततुल्यैः अत्र धान्यादितौल्येषु सेरः
कथितः। खयुगैः सेरैः मणाभिधानं कथितम्। एषा तुरुष्कसंज्ञा ॥ १ ॥
अर्थः-पौनेगद्याणक अर्थात् ३६ छत्तीस रत्ती (गुञ्जा) का एक १ टंक होता है
और ७२ बहत्तर टंकका धान्यादिकी तोलमें १ सेर होता है और ४० चालीस सेरका
१ मण होता है, यह यवनोंकी करी हुई संज्ञा है ॥ १ ॥
द्व्यंकेंदुसंख्यैर्धटकैश्च सेरस्तैः पंचभिः स्याद्धटिका च ताभिः ॥
मणोऽष्टभिस्त्वालमगीरशाहकृतात्र संज्ञा निजराज्यपूर्षु ॥ २ ॥
अन्वयः-अत्र निजराज्यपूर्षु आलमगीरशाहकृता संज्ञा। एषा द्व्यङ्केन्दुसंख्यैः
धटकैः सेरः स्यात्। पञ्चभिः सेरैः धटिका स्यात् । ताभिः अष्टभिः मणः
स्यात् ॥ २ ॥
अर्थः-आलमगीरबादशाहके समय राज्यमें प्रचलित तोलमें १९२ एकसौ बानवे
धटकका १ एक सेर और ५ पांच सेरकी १ एक धडी; ८ आठ धडी का १ एक मण
होता था, यह संज्ञा अब भी मध्यदेशमें प्रचलित है ॥ २ ॥
शेषाः कालादिपरिभाषा लोकतः प्रसिद्धा ज्ञेयाः ॥
अर्थः-बाकी काल आदिकी परिभाषा लोकसे प्रसिद्ध जानना. जैसे-६० साठ
सेकंडका १ मिनट. ६० मिनटका १ घंटा. २४ चौबीस घंटका एक १ दिन रात. १५
पंद्रह दिनरातका १ एक पक्ष. २ पक्षका १ एक महीना. १२ बारह महीनोंका एक
वर्ष. साठ ६० पलकी १ घडी. २॥ ढाई घडीका १ घण्टा. १२ बारह घंटेका १ दिन.
७ सात दिनका १ एक सप्ताह. इत्यादि ॥
इति परिभाषा ।
लीलाललुलल्लोलकालव्यालविलासिने ॥
गणेशाय नमो नीलकमलामलकान्तये ॥ १ ॥
अन्वयः-लीलागललुलल्लोलकालव्यालविलासिने नीलकमलामलकान्तये गणेशाय
नमः ॥ १ ॥
अर्थः-लीलाकरके गलेमें लटकते हुए चंचल सर्पसे क्रीडा करनेवाले, चिकणनील-
कांतिवाले गणेशजीको नमस्कार है ॥ १ ॥