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लघुसिद्धान्तकौमुदी (वरदराजाचार्य - भैमी एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या सहित)

लघुसिद्धान्तकौमुदी (वरदराजाचार्य - भैमी एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या सहित)

Laghu Siddhanta Kaumudi of Varadaraja with Hindi Commentary

आचार्य वरदराज द्वारा

DevanagariHindipublished633 पृष्ठ

पृष्ठ 482, कुल 633 में से

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पृष्ठ 482

हलन्त-पुलिंङ्ग-प्रकरणम् ४६७
प्रयोग सिद्ध होता है । इसीप्रकार आगे भी अजादि विभक्तियों में प्रक्रिया होती है ।
‘विद्वस् + भ्याम्’ यहां वसुस्रंसु० (२६२) से पदान्त सकार को दकार होकर
—विद्वद्भ्याम् । इसीप्रकार अन्य हलादि विभक्तियों में भी ।
हे विद्वस् + स् । यहां नुँम्, सुँलोप तथा संयोगान्तलोप करने से—हे विद्वन् ।
सम्बुद्धि परे होने से सान्तमहतः० (३४२) से दीर्घ न होगा ।
विद्वस् (विद्वान्) शब्द की रूपमाला यथा—
प्र० विद्वान् विद्वांसौ विद्वांसः | प० विदुषः विद्वद्भ्याम् विद्वद्भ्यः
द्वि० विद्वांसम् ,, विदुषः | ष० ,, विदुषोः विदुषाम्
तृ० विदुषा विद्वद्भ्याम् विद्वद्भिः | स० विदुषि ,, विद्वत्सु
च० विदुषे ,, विद्वद्भ्यः | सं० हे विद्वन्! हे विद्वांसौ! हे विद्वांसः!
इसीप्रकार निम्नलिखित शब्दों के रूप होते हैं—
शब्द अर्थ प्रत्यय शस् का रूप
१. ऊषिवस् रह चुका क्वसुँ ऊषुपः१
२. तस्थिवस् ठहर चुका ,, तस्थुषः
३. सेदिवस् गमन कर चुका ,, सेदुषः
४. प्रसेदिवस् प्रसन्न हो चुका ,, प्रसेदुषः
५. निपेदिवस् बैठ चुका ,, निपेदुषः
६. निपेतिवस् गिर चुका ,, निपेतुषः
७. ददिवस् दे चुका ,, ददुषः
८. शुश्रुवस् सुन चुका ,, शुश्रुवुषः२
९. उपेयिवस् प्राप्त कर चुका ,, उपेयुषः
१०. अनाश्वस् भोजन न कर चुका ,, अनाशुषः
११. दाश्वस् दे चुका ,, दाशुषः
१२. अधिजिग्मिवस् प्राप्त कर चुका ,, अधिजिग्मुषः
इस सूत्र में ‘वस्’ धातु ही इष्ट है आदेश वा प्रत्यय नहीं । अतः यहां आदेश-
प्रत्यययोः (१५०) से ही षत्व करना चाहिये ।
१. इन में यथासम्भव प्राप्त इट् आगम भसञ्ज्ञकों में प्रवृत्त नहीं होता । अकृतव्यूहाः
पाणिनीयाः (५०) अर्थात् इस व्याकरण शास्त्र में निमित्त को विनाशोन्मुख देख
कर तत्प्रयुक्त कार्य नहीं करना चाहिये । जब ‘वसुँ’ प्रत्यय, भसञ्ज्ञकों में वकार
को सम्प्रसारण हो जाने से वलादि ही नहीं रहता तब तत्प्रयुक्त कार्य वलादि-
लक्षण इट् आगम भी नही होता ।
२. शुश्रुवस् + अस् (शस्) में सम्प्रसारण और पूर्वरूप हो कर ‘शुश्रुउस् + अस्’ इस
दशा में अचि श्नु० (१६६) से धातु के उकार को उवँङ् हो जाता है ।