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सर्वकोश
लघुसिद्धान्तकौमुदी (वरदराजाचार्य - भैमी एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या सहित)

लघुसिद्धान्तकौमुदी (वरदराजाचार्य - भैमी एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या सहित)

Laghu Siddhanta Kaumudi of Varadaraja with Hindi Commentary

आचार्य वरदराज द्वारा

DevanagariHindipublished633 पृष्ठ

पृष्ठ 334, कुल 633 में से

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पृष्ठ 334

अजन्त-पुंल्लिङ्ग-प्रकरणम् ३१६
इसी प्रकार—ननान्दृ, दुहितृ और यातृ शब्दों के उच्चारण होते हैं।
(यहां ऋदन्त स्त्रीलिङ्ग शब्दों का विवेचन समाप्त होता है।)
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[लघु०] द्यौर्गोवत् ॥
व्याख्या—'द्यो' शब्द का अर्थ आकाश वा स्वर्ग है। द्यौः स्त्री स्वर्गन्तरिक्षयोः
इत्यौणादिकपदार्णवे पेरुसूरिः। द्युतैं दीप्तौ (भ्वा० आ०) धातु से बहुल के कारण
औणादिक 'डो' प्रत्यय करने से 'द्यो' शब्द निष्पन्न होता है। इस की प्रक्रिया अजन्त-
पुंल्लिङ्गस्थ 'गो' शब्द के समान होती है। रूपमाला यथा—
प्र० द्यौः† द्यावौ† द्यावः† प० द्योः* द्योभ्याम् द्योभ्यः
द्वि० द्याम्‡ ,, द्याः‡ प० ,, * द्यवोः द्यवाम्
तृ० द्यवा द्योभ्याम् द्योभिः स० द्यवि ,, द्योषु
च० द्यवे ,, द्योभ्यः सं० हे द्यौः! हे द्यावौ! हे द्यावः!
† गोतो णित् (२१३) से णित्त्व हो कर अचो ञ्णिति (१८२) से वृद्धि।
‡ औतोऽम्शसोः (२१४) से आकार एकादेश।

  • ङसिँ-ङसोश्च (१७३) से पूर्वरूप एकादेश।
    इसी प्रकार स्त्रीलिङ्ग गो (गाय) शब्द का उच्चारण होता है।
    (यहां ओकारान्त स्त्रीलिङ्ग शब्दों का विवेचन समाप्त होता है।)
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    [लघु०] राः पुंवत् ॥
    व्याख्या—'रै' शब्द पुंलिङ्ग और स्त्रीलिङ्ग दोनों में प्रयुक्त होता है। स्त्री-
    लिङ्ग में भी प्रक्रिया पुंलिङ्ग के समान होती है। रूपमाला यथा—
    प्र० राः रायौ रायः प० रायः राभ्याम् राभ्यः
    द्वि० रायम् ,, ,, प० ,, रायोः रायाम्
    तृ० राया राभ्याम् राभिः स० रायि ,, रासु
    च० राये ,, राभ्यः सं० हे राः! हे रायौ! हे रायः!
    हलादि विभक्तियों में रायो हलि (२१५) से ऐकार को आकार आदेश तथा
    अजादि विभक्तियों में एचोऽयवायावः (२२) से आय् आदेश हो जाता है।
    (यहां ऐकारान्त स्त्रीलिङ्ग शब्दों का विवेचन समाप्त होता है।)
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    [लघु०] नौर्ग्लौवत् ॥
    व्याख्या—णुद प्रेरणे (तुदा० प०) धातु से ग्ला-नुदिभ्यां डौः (उणा० २२२)
    सूत्र द्वारा डौ प्रत्यय हो कर टि का लोप करने से 'नौ' (नौका) शब्द निष्पन्न होता
    है। इस की समग्र प्रक्रिया अजन्तपुंलिङ्गान्तर्गत 'ग्लौ' शब्द के समान होती है।
    रूपमाला यथा—