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लघुसिद्धान्तकौमुदी (वरदराजाचार्य - भैमी एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या सहित)

लघुसिद्धान्तकौमुदी (वरदराजाचार्य - भैमी एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या सहित)

Laghu Siddhanta Kaumudi of Varadaraja with Hindi Commentary

आचार्य वरदराज द्वारा

DevanagariHindipublished633 पृष्ठ

पृष्ठ 304, कुल 633 में से

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पृष्ठ 304

अजन्त-स्त्रीलिङ्ग-प्रकरणम् २८१
व्याख्या—हम बालकों के लिये अत्यन्त उपयोगी कुछ शब्दों का सङ्ग्रह यहां
दे रहे हैं। इन का उच्चारण रमावत् होता है। इन में भी पूर्ववत् '' इस चिह्न वाले
स्थानों में णत्वविधि जान लेनी चाहिये—
शब्द—अर्थ | शब्द—अर्थ | शब्द—अर्थ
अङ्गना = स्त्री | उपमा = सादृश्य | गवेषणा = खोज
अचला = पृथ्वी | उपेक्षा
= लापरवाही | गुञ्जा = रत्ती
अजा = बकरी | उमा = पार्वती | गुटिका = गोली
अट्टालिका = अटारी | उर्वरा* = उपजाऊ भूमि | गुडाका = निद्रा
अनित्यता = नश्वरता | उषा* = प्रभात | गुहा = गुफ़ा
अनुज्ञा = आज्ञा | एला = इलायची | गोशाला = गो-स्थान
अमावस्या = अमावस | कथा = कहानी | ग्रीवा* = गर्दन
अयोध्या = प्रसिद्ध नगर | कनीनिका = नेत्र-पुतली | घटा = मेघमाला
अर्चा = पूजा, मूर्ति | कन्था = गोदड़ी | घृणा = दया, अरुचि
अवस्था = हालत | कन्या = कुंवारी लड़की | घोषणा = ढिंढोरा
अविद्या = अज्ञान | कपर्दिका = कौड़ी | चन्द्रिका* = चान्दनी
अशनाया = भूख | कला = अंश | चपला = विद्युत्
असिधेनुका = छुरी | कल्पना = रचना | चर्चा = लेप, विचार
अहिंसा = हिंसा न करना | कविका = लगाम | चर्या* = चालचलन
आकाङ्क्षा* = इच्छा | कशा = चाबुक | चिकित्सा = इलाज
आख्या = नाम | कस्तूरिका* = कस्तूरी | चिकीर्षा* = करणेच्छा
आज्ञा = हुक्म | कान्ता = मनोहरा | चिता = चिता
आत्मजा = पुत्री | काष्ठा = दिशा | चिन्ता = फ़िकर
आपगा = नदी | कुत्सा = निन्दा | चूड़ा = चोटी
आशङ्का = शक | कुलटा = व्यभिचारिणी | चेतना = समझ, ज्ञान
आशा = दिशा, आशा | कुल्या = नहर | चेष्टा = हरकत
आस्था = पूज्यबुद्धि | कृपा* = दया | छटा = चमक
इच्छा = चाह | केका = मयूर-वाणी | छाया = छाया
इज्या = यज्ञ | कौशल्या = राममाता | छिक्का = छींक
इन्दिरा* = लक्ष्मी | क्षपा* = रात्रि | छुरिका* = छुरी
ईप्सा = पाने की इच्छा | क्षमा* = माफ़ी | जटा = जटा
ईर्ष्या* = डाह | क्षुधा = भूख | जडता = मूर्खता
ईहा = इच्छा, चेष्टा | क्ष्मा* = पृथिवी | जनता = जनसमूह
उग्रता = भयानकता | खेला = खेल | जलौका = जोंक
उत्कण्ठा = प्रबल इच्छा | गङ्गा = प्रसिद्ध नदी | जाया = स्त्री
उपकार्या* = तम्बू | गदा = गदा | जिज्ञासा = ज्ञानेच्छा
ल० प्र० (१६)