सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
खण्डनखण्डखाद्यम् (महाकवि श्रीहर्ष - अद्वैत न्याय-खण्डन एवं तत्त्व-निर्णय सटीक)

खण्डनखण्डखाद्यम् (महाकवि श्रीहर्ष - अद्वैत न्याय-खण्डन एवं तत्त्व-निर्णय सटीक)

Khandanakhandakhadya of Mahakavi Sriharsha with Commentary

महाकवि श्रीहर्ष द्वारा

DevanagariHindipublished610 पृष्ठ

पृष्ठ 434, कुल 610 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 434

[परिच्छेद ] सर्वनामार्थ का खण्डन ४१५

वोत्तरमापद्येत । यद्विषयो हि प्रश्नस्तदभिधेयम् । प्रमाणसामान्यविषयश्च प्रश्नः,
तच्च प्रमाणशब्देनाभिधीयत एव ।
अथ द्वितीयः ; तथापीश्वरसद्भावे प्रमाणमित्येवोत्तरमापद्येत । यथा प्रश्नवाक्ये
प्रमाणशब्दो विशेषपरस्तथोत्तरवाक्येऽपि ।
कोऽसौ विशेष इति चेन्न । पूर्ववदुत्तरत्वात् । अस्यापि प्रश्नस्य विशेषो
विषयः, किंशब्दस्य विशेषशब्देन सामानाधिकरण्यात् । तथाच सति विशेष
इत्येवोत्तरं स्यात् ।
स्यादेतत्—विशेषशब्देन न विशेषमात्रमनिर्धारितमत्र विवक्षितम्, किन्त्व-
साधारणी व्यक्तिस्तत्र विशेषशब्दस्य तात्पर्यम् । तस्मात् काऽसावसाधारणी
प्रमाणव्यक्तिरिति प्रश्नार्थः । तत्र च तादृश्याः प्रमाणव्यक्तेरभिधानमुत्तरं युक्तम्,
नैवंविधाः प्रलापा इति । नैतदेवम् ; यतोऽत्रापि विशेष इत्येवोत्तरम्, यथा
प्रश्नवाक्यगतस्य विशेषशब्दस्य सर्वतो व्यावृत्तस्वरूपायां प्रमाणव्यक्तौ तात्पर्यं
तथोत्तरवाक्यस्थितस्यापि । एवञ्च सति यत्र विषये भवदीयस्य प्रश्नवाक्यस्य
तात्पर्यं तदेवास्माकमुत्तरवाक्येन प्रतिपादितमिति युक्तमुक्तम् ।
प्रश्न हो, उसीका कथन करना चाहिए। यहाँ प्रमाण-सामान्यविषयक प्रश्न है और
उस ( प्रमाण-सामान्य ) का 'प्रमाण' शब्द से कथन हुआ ही है ।
यदि द्वितीय पक्ष है, तब भी 'ईश्वर प्रमाण है' यही उत्तर ठीक होता है, कारण
प्रश्नवाक्य में जैसे प्रमाणशब्द विशेषपरक होगा, वैसे ही उत्तर-वाक्य में भी
प्रमाणशब्द विशेषपरक हो जायगा ।
प्रश्न—वह विशेष कौन है ? उत्तर—इस प्रश्न का उत्तर भी पूर्व के तुल्य ही
जानना चाहिए । इस प्रश्न का किंशब्द से सामानाधिकरण्य होने से विशेष ही विषय
है, यदि ऐसा है, तो 'विशेष' यही उत्तर युक्त है ।
प्रश्न—यहाँ प्रश्न-वाक्य में 'विशेष' शब्द से अनिश्चित केवल विशेष विवक्षित
नहीं, किन्तु असाधारण (एक) व्यक्ति में किंशब्द का तात्पर्य है । अतः वह असाधारण
व्यक्ति कौन है, यह प्रश्न का तात्पर्य है । यहाँ उस असाधारण व्यक्ति का अभिधान
ही उत्तर होगा, ऐसा प्रलाप नहीं । उत्तर—इस आशय में भी 'विशेष' यही उत्तर युक्त
है । जैसे प्रश्नवाक्यगत विशेषशब्द का सर्वतः व्यावृत्त व्यक्ति में तात्पर्य है, वैसे
ही उत्तर-वाक्यगत विशेषशब्द का भी सर्वतः व्यावृत्त व्यक्ति में तात्पर्य होगा । ऐसा
होने पर आपके प्रश्न-वाक्य का जिस विषय में तात्पर्य है, वही हमारे उत्तर-वाक्य
द्वारा प्रतिपादित होता है । अतः युक्त ही उत्तर है ।