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सर्वकोश
काव्यप्रकाश (आचार्य मम्मट - सम्पूर्ण १० उल्लास सटीक)

काव्यप्रकाश (आचार्य मम्मट - सम्पूर्ण १० उल्लास सटीक)

Kavyaprakasha of Mammata with Hindi Commentary

आचार्य मम्मट / पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि द्वारा

DevanagariSanskritpublished616 पृष्ठ

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पृष्ठ 574

APPENDIX B XVII
५५२ कपाले मार्जारः पय भासकविः; गो० का० प्र० P. 382;
व०सु० आ०; भो० स० क० आ० III.
38; सु० र० को० 905; शा० प०;
सु० र० भा० 301/79.
४४९ कमलमनम्भसि शङ्करगणः; रु० अ० सं० P. 39; म०
व्य० वि० P. 387; गो० का० प्र०
P. 341; सु० र० भा० 363/10.
४१५ कमलेव मतिर्मतिरिव श्री०का०प० 225; गो० का० प्र० P.
323; वि० सा० द० X. 27; सु० र०
भा० 104/83.
५५१ करजुअगहिअजसोआ हा० गा० स० 974; गो० का० प्र०
P. 382.
३९९ करवाल इवाचारस्तस्य गो० का० प्र० P. 314.
१९१ करवालकरालदो सहायो गो० का० प्र० P. 197.
३०३ करिहस्तेन संबाधे श्री० का० प० 154; गो० का० प्र०
P. 256.
४७५ कर्पूर इव दग्धोऽपि रु० अ० स० P. 74; रा० बा० रा०
III. 11; गो० का० प्र० P. 351;
सु० र० भा० 250/5.
३२५ कर्पूरधूलिवल गो० का० प्र० P. 264; सु० र० भा०
273/10.
५१२ कलुषं च तवाहितेष्व वि० सा० द० X. 85; सु० र० भा०
104/90.
१९४ कल्याणानां त्वमसि महसां भ० मा० भा० I. 4.
२७६ कल्लोलवेल्लितदृषत् भागवतत्रिविक्रमः; कु० व० जी० I. 25,
P. 16; भ० श० 62; व० सु० आ०
866; सु० र० भा० 216।19; श्री०का०
प० 137; गो० का० प्र० P. 244.
४४७ कस्त्वं भोः कथयामि अ० ध्व० आ० लो० III. 51; रु० अ०
स० P. 64; गो० का० प्र० P. 340;
शा० प० No. 1046; सु० र० भा०
242/171.