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सर्वकोश
कौशिक गृह्यसूत्रम् (अथर्ववेद शौनक शाखा - संक्षिप्त टीका एवं पं. उदयनारायण सिंह हिन्दी अनुवाद)

कौशिक गृह्यसूत्रम् (अथर्ववेद शौनक शाखा - संक्षिप्त टीका एवं पं. उदयनारायण सिंह हिन्दी अनुवाद)

Kausika Grihyasutram of Atharvaveda with Hindi Translation

महर्षि कौशिक (अनुवादक: पण्डित उदयनारायण सिंह) द्वारा

DevanagariHindipublished361 पृष्ठ

पृष्ठ 98, कुल 361 में से

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पृष्ठ 98

६६ अथर्ववेदीय-कौशिकसूत्रम् ।
नक्षत्रेऽवसिञ्चति ॥३३॥ मृगारैर्मुञ्चेत्याप्लावयति ॥३४॥
३॥२७॥
ब्राह्मणो जज्ञ इति तक्षकायाञ्जलिं कृत्वा जपन्ना-
चमयत्यभ्युक्षति ॥ १ ॥ क्रमुकशकलं संक्षुद्य दूर्शाजरद-
जिनावकरज्वालेन ॥ २ ॥ सम्पातवत्युदपात्र ऊर्ध्वफला-
भ्यां दिग्धाभ्यां मन्थमुपमथ्य रयिधारणपिण्डानन्वृचं
प्रकीर्य छर्दयते ॥ ३ ॥ हरिद्रां सर्पिषि पाययति ॥ ४ ॥
जंगली शण से जङ्गली गोबर को जलाकर जल से अभिमंत्रण करके
रोगी को उषः काल में अवसेचन एवं अभिमंत्रण करे ॥ अब सर्वरोग
भैषज्य को कहते हैं। "आ गाव०" इन दश सूक्तों और "मुञ्च शीर्षक्त्या०"
ऋचा से जल भरे घड़े को लाकर अभिमंत्रण करके रोगी को अव-
सिंचन करे ॥ ३३ ॥ ३४ ॥ यह सत्ताईसवी कण्डिका पूरी हुई ॥३॥२७॥
स्कन्द विष के भय में भैषज्य को कहते हैं । तक्षक देवता को नम-
स्कार कर के "ब्राह्मणो जज्ञे वारिदं०" इत्यादि दो सूक्तों से जलको अभि-
मंत्रण करके रोगी को आचमन करा कर विष के रोगी को संप्रोक्षण
करे ॥ १ ॥ क्रमुक के शकल को जल के साथ अभिमंत्रण करके आचमन
एवं अभ्युक्षण करावे । पुराना वस्त्र, उकुटिका, तृणों में से किसी एक को
जला कर विषजल को अभिमंत्रण करके रोगी को अवसिंचन करे ॥
पुराने हरिण के चर्म को जलाकर जल में डाल कर अभिमंत्रण कर उस
को आमंत्रण करे । बुहारण के अवकर तृणों से जल को गर्म करके
अभिमंत्रण कर रोगी को अवसिंचन करे ॥ जलपात्र को लाकर रोगी
को स्नान करावे । विष से लेप कर दो ऊर्ध्व कपालों द्वारा विष से पुंखित
दो धनुषों से मथन कर अभिमंत्रण करके रोगी को पिलावे । मैनफलों
को प्रत्येक ऋचा से अभिमंत्रण करके जिसभाँति हो वैसे रोगी को वमन
करावे ॥ २ ॥ अब शस्त्र के अभिघात से रुधिर के बहने में भैषज्य को
कहते हैं ॥ उक्त मंथ से मट्टी को सान कर पिण्डों को बनाकर प्रत्येक
ऋचा से रोगी को खिलावे जिसमें वह वमन करे ॥ ३ ॥ हरिद्रा को
चूर्ण करके घी में डाल कर रोगी को पिलावे ॥ ४ ॥ "रौहिण्यसि०"
सूक्त से लाख के पानी को काथ बना कर अभिमंत्रण करके रोगी के