कौशिक गृह्यसूत्रम् (अथर्ववेद शौनक शाखा - संक्षिप्त टीका एवं पं. उदयनारायण सिंह हिन्दी अनुवाद)

कौशिक गृह्यसूत्रम् (अथर्ववेद शौनक शाखा - संक्षिप्त टीका एवं पं. उदयनारायण सिंह हिन्दी अनुवाद)
Kausika Grihyasutram of Atharvaveda with Hindi Translation
महर्षि कौशिक (अनुवादक: पण्डित उदयनारायण सिंह) द्वारा
DevanagariHindipublished361 पृष्ठ
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अथर्ववेदीय-कौशिक-गृह्यसूत्रम् ।
कौशिकाचार्येण प्रणीतम् ।
[ दारिलकेशवयोस्संक्षिप्तटीकया सहितम् ]
अथर्ववेदस्य शौनकीया जाजला अकसाळा ब्रह्मवादा इति
चतसृणां शाखानां गृह्यप्रतिपादकम् ।
जिसको—
सर्वदर्शनसंग्रह, जीवन्मुक्तविवेक, महावाक्यरत्नावली, संस्कृत-
प्रवेशिका, सिद्धान्तशिरोमणि ( गोलाध्याय ), सूर्य्यसिद्धान्त,
आर्यभटीय, सभाष्यगोतमीयन्यायदर्शन, गोभिल-
गृह्यसूत्रसटीक, द्राह्यायण-गृह्यसूत्रसटीक,
खादिर-गृह्यसूत्रसटीक,
वाराह-गृह्यसूत्र
के
हिन्दी अनुवादक—
श्री ठा० उदयनारायण सिंह
ने
अपने शास्त्रप्रकाश भवन मथुरापुर, डाक-विद्दूपूर बाजार,
जि० मुज़फ्फरपुर ( बिहार ) से सानुवाद
प्रकाशित किया ।