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काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

Kasika Vritti of Vamana and Jayaditya on Panini Sutras

आचार्य वामन एवं जयादित्य (सम्पादक: पण्डित बालशास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished828 पृष्ठ

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"?
Look at -:
ends with: "आल-"
starts with: "म्बनेऽर्थे"
Then: "अविदू..." - wait, look at the next word:
अ (a) वि (vi) दू (dū) र् (r) ये (ye) ?
Wait, look closely at :
अ वि दू र् ये -> "अविदूर्ये" or "अविदूर्र्ये"?
Wait, look at :
"अविदूर्र्ये ।" or "अविदूर्ये ।"?
Wait, look at :
"आलम्बनाविदूर्र्ययोरिति किम् ।" or "आलम्बनाविदूरयोर्गिति किम्"?
WAIT! Look at :
"आलम्बनाविदूर्र्ययोरिति किम्" - wait, look at the letters after 'दू':
It's 'र्' 'य' with an 'ो' matra and 'र्':
Wait! Look at the sutra: "अवाच्चालम्बनाविदूरयोः"
Why does say:
"आलम्बनाविदू..."?
Wait! In the scan:
: "आलम्बनाविदूर्र्ययो..." wait!
No, look at :
आ - ल - म्ब