कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)
Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary
कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा
DevanagariHindipublished354 पृष्ठ
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राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला
कान्हडदे प्रबन्ध
Manuscript Folio (L MS, Folio 38 verso)
- असि आमण आण दीधं दुलह ॥
यत्रीअइ मास साठि पंचावइ
नेत्र प्रथोकि नयन रस डांम ।
इति श्रीमद्दूंगरसी फल श्रीमण
तमहरा वतारा काणि कु
रंकुलिति साद्रुम यशुआ अ
तवत् मति पद्म आद्रए इरा
रान कन्त लष वाण गाजा
॰ ॰ ॰ न जान न वारिनि म
रन या ॰ ॰ ॰ सभर राज
इइ सत्रानी धयगण त्त्रगवा
इदिक विजन कलताअइ
बना निति करिति विक्रम १५
दाहु पड प्रभु रागत मात
Last page (folio 38 verso) of the L MS.