कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)
Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary
कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा
DevanagariHindipublished354 पृष्ठ
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परिशिष्ट २३९
C | D | J | F
सूर धीर अनइ सपराण | अलूयांन बलवंतु बंदउ | अलूपान बलवंतु बांदु | अलूअपान वलअंतु धंदउ
पातसाहि तब तेड्ड | महुल मांहि तेडावड | महल मांहि ते तेड्ड | मुहलि आगिलइ तेडउ
अन्ने | साहमा | साहमु |
हवि बल न छांडुं | छयल भगइ नवि छांडउं | छिल भणि नवि छांडहं | पहिला
| | | छयल भणइ नवि छांडं
पोलि | छीहं | छीहूं |
वीठउ | दिठउ | दीठउ |
धणुं | धार | गोर |
हुई हाक | हीया द्रगि | हईया भ्रगि |
बीजोरां | बीजोरा | बीजोरा |
नालिकेरं | केलेहरा | केलिहरां |
असूर | कटक | कटक |
चिहूं पथि | चिहु दसि | चिहुं दिसि | चिहंसइ
जे कहीइं | जे