कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)
Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary
कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा
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सिंधु सवालप अनइ पारकर, सवे देसुत बोलाव्या ।
अढारसा सातसा तणा भड मेलावइ आन्या ॥ १७२
तुरी सहस छत्रीस मेलीआ, लाप पांडाधर ल्याव्या ।
कटक तोरकां ऊपरि सूंडी रासूंघइ दल आव्यां ॥ १७३
आव्यउ सुणी मालदे पडीउ तुरक तणइ दलि त्रास ।
संकटि पड्या असुर ढीलीय मोकलाव्री अरदास ॥ १७४
एकइ पासइ राउल मालदे, वीजइ राउल कान्ह ।
मिहुं राउ विचि रही न सकीइ, इम बोलइ परधान ॥ १७५
१७२ सिंधु-सिंध A, संधु B L, सिंघू C, सिधु J. सवालप-सवालाय C. अनइ-नइ A, अनि B, नि C J.
पारकर-पारकरी L. सवे-सवि A L, सव D. देसुत-देमोत A, देसवति L. बोलाव्या-बोल्याव्या L. अढारसा
सातसा तणा-अडार सहिस हंतरु घोटा B, अढारसां सातसा तणा C, अडारसा सतेसा तर्णा D, भडार सदस
सांत तणा J, अहर सातसा तणा K, अढार सहस भड मिल्या मिलाइई L. भड-धनि B, सुभट C D, भड भला
K. मेलावइ आन्या-मेलावि आव्या B, सवे मेलाव्या C, वली मेलाव्या D, बलि मेतावि आन्या J, मेलावइ वे
आव्या K. L omits iv qr.
१७३ तुरी-तुरीय A L, आव्या तुरी B. सहस-सहिस B. छत्रीस-छत्रीसां A, छुवीस C D J. मेलीआ-
मेली A B, मेलीना C J, मेठिआ K. पांडाधर-पंटाधर A L, पाहाधर J. ल्याव्या-आव्या A B L, लख्या
C, ल्याव्यु D, आव्यु K. कटक तोरकां-तुरक कटक B, कटक तोरकी C, कटक तुरकां J, तुरकां L. सूंडी-
सुंडी C D J, मुडी K, सूटी L. रासूंघइ-रासूंषि B, राय सिंघल C, राय सींघल D J, राइ तुरकिसुं K, जागे
जरासिंघ L. दल-दलि C, बीलइ K. आव्यां-आव्या B, आध्यु C D, आव्यउ K, ल्यांवउं L. After vs
173 L interpolates the following : कोपि करी तुरकांनइ.
१७४ आव्यउ-आव्यु B D J, तिहां आव्यु नि C, आदिचउ K, आविउ L. सुणी-शुणी L. मालदे-
मालदे राउल A, मालदेविनि C, मालदेव D, मालदेव राउल J. पडीउ-पडीत B, पडिउ C L, पडीतं D,...J,
पडीयउ K. तुरक तणइ-तुरका A, तुरक तनि B J, तुरकानि C, तुरक तणा L. दलि-...A C, दल L.
C transpas : तुरकानि पडिउ. त्रास-श्रासी L. संकटि-सक्ट C K L. पड्या-पडिया B, पटिआ K.
असुर-अशुर L. ढीलीय-ढीलीइं B, टिल्हीनि C, ढीलीनइ D L, ढीलीनी J, डिलीभइ K. मोकलाव्री-करावी
L. अरदास-अरदासि A L, उरदास D.
१७५ एकइ-एकि B C J, एकइं D, एक L. पासइ-पासि B C J, पासई D. राउल-राउ A, राय J,
राउत K. मालदे-मालदेव C D J. वीजइ-बीजि B C, वीजि J, दीजई L. कान्ह-कान्ह A, काह B C,
काहान J. बिहुं-बिहूं J L. राउ-राय B, राउले C, राउते D, राउत J. विचि-नचि B C J, विचइ L.
रही न सकीइ-लिम ऊगरीइ A, रहीनइ C, रही न...D, रही न सकि J, रही न सकइ K, रही न सकीयह L.
इम-ईम J. बोलइ-बोलई A, बोलि B C J. परधान-परधान A J K, प्रधान L. Note-There is a
long lacuna in MS D after विचि रहीन in vs 173. In the left-hand margin of
the folio there is a note by the copyist : 'उपरलू(=नू) पानु २७ नयी ते लख्यु नयी.'