कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)
Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary
कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा
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धरण्यां बहिणि बहिनेवी बेउ, ग्यउ जीवतां जालहुरि लेउ ।
सवि अहिनाण आगिलां कही हुं मूंकावी आविसि सही ॥ १९३
पातसाह बेटी प्रति भणइ, किम भरतार वीरम तुम्ह तणइ ।
जाती समरण भेद सवि लहइ, ते वृतांत पिता प्रति कहइ ॥ १९४
पहिलउ बापलरा सुत एह सिंधराज जाणीजइ जेह ।
हुं जइचंद तणी कुंअरी सुरजनदे नामि अवतरी ॥ १९५
विहुं वेवाही मनि उछाह, नयर योगिनी करिउ वीवाहु ।
अंतरवेध छइ रूयडउ देश, तिहां करिउ मइं अगनिप्रवेश ।
सतीधर्म साचउ अभिमान, अंतरवेध हूउं अवधान ॥ १९६
१९३ घरण्यां-माहरुआ A, घरी B, घरिआं E, घरुया K L. बहिणि-महिन A, विहिनि C, बहनि D, धांन
J. बहिनेवी-चनेवी C, बहनेवी D K, विहिनेवी E, वनहेवी J. बेउ-जेउ B D E K L, दोय C, लेउ J. ग्यउ-
ग्यां B, जु C E, ग्युं D, गयु J, ग्यु K, गयो L. जीवतां-जीवतुं D, जीवंतां E, जीवतु J L, जीवता K. जालहुरि-
जालोरइ A L, जालोहोरि B, जाल्हुर C, जालहुरिइ D, लार्यू E, जालउरइ K. लेउ-लेअ A, बेउ B E, लेव C,
जेऊ J, तेउ L. सवि-सवे B. अहिनाण-अहिनांण C D E J K, सहिंनाण L. आगिलां-भागित्यां B,
आगल्यां C D E, आगिला J, आपना L. कही-कहि K. हुं-हूं B E J, फहउ L. मूंकावी-मूंकाबिस A,
मुंकावी C, मूकावी E L, मूकाविस K. आविसि-आसूं A, आवुं C, आविंसुं D, आवसि E, आबिस K, आवउं L.
१९४ पातसाह-पातस्याह E, पातशाइ J, पातिसाह K, पातिसाहि L. बेटी-भेटि D. प्रति-प्रती D.
भणइ-भणिइ B, भणई D, भणि J, भणंइ L. भरतार-भरथार D, भरतारि L. वीरम-वीरमदे A J, वीर
B K. तुम्ह-...C, तझ E, तुझ J K L. तणइ-तणिइ B, तणि C J. समरण-समर A, समरि B E K,
समरणि C, स्मरण D. भेद-भेदि D L. लहइ-पहइ A, लहिइ B E, लहि C J, ल्हैइ D, सह K, लहू L.
ते-तु B J, पूर्वे C, तुं D, ए E, एह K. वृतांत-वृत्तांत A B C, बरतात D, बत्तांत E, वृर्तत K, विरतांत L.
कहइ-भणइ A, कहिइ B E, कहि J, कहई L.
१९५ पहिलउ-पहिलुं B, पहिल C K, पहिलं D E, पहिलूं J. बापलरा सुत-बाप लखमसी A, बांपलराय सुत
B, बां तरसात C, राय सुत बापल E, बापला राइ श्रुत L. एह-ए