कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)
Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary
कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा
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१२५ कान्हडदे प्रबन्ध
पद्मनाभ उच्चरइ प्रमाण, माणस वंदइ किसउं वपाण ।
वल्यु मलिक नवि कीधी जेडि, हींदू वली करेसि केडि ॥ १०७
पातसाह आगलि परि सुणी, गयउ रबारी वद्धामणी ।
पहिला हींदू आव्या जिसइ, मलिक नेव नवि जमलउ तिसइ ॥ १०८
सरोवरि विसरि सुण्यां नीसाण, पछइ मलिकनइ हूकं जाण ।
छोळ्यां वान सुणी परि नवी, आव्यउ मलिक तुरी तारवी ॥ १०९
हुई वेढि सरोवर तिणि वार, राउति भलां कीयां हथियार ।
चडपट घाइ एकमना भिड्या, लपणउ नइ साल्हउ रिण पड्या ॥ ११०
१०७ पद्मनाभ-पदमनाभ पंडित A B, पदमनाभ C H J, पदमनाभि K, पद्मनाभि L. उच्चरइ-उचिरइ A,
भणइ B, ऊचरि C J, उचरइ H L. प्रमाण-प्रगाम A, ...B, पुराण D, प्रमांम H, पुराण J. माणस-मांनवतुं