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कामन्दकीय नीतिसार (आचार्य कामन्दक - प्राचीन भारतीय राजनीति शास्त्र)

Kamandakiya Nitisara with Hindi Commentary

आचार्य कामन्दक / पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र द्वारा

DevanagariSanskritpublished164 पृष्ठ

११। रस-निर्झर
कालिदास, ঘটकर्पर, श्रीहर्ष, वररुचि प्रभृति प्राचीन महाकविगणेर
प्रधानतः आदि रसात्मक श्लोक समूहेर सुललित पद्यानुवाद ओ तत्सह ঐ
समयेर सुरसाल गल्प। सुन्दर बाँधान, दुइ रङे एन्टिके छापा। अल्प पय़साय़
बन्धु बान्धवके उपहार दिवार श्रेष्ठ पुस्तक। मूल्य मात्र ।/० छय़ आना।
१२। श्राद्ध पद्धति
श्राद्धादि पारलौकिक कर्म्मेर—एकमात्र विशद विशुद्ध पुस्तक। यन्त्रस्थ।
आरो कय़ेकखानि मनेर मतन बइ
শ্রীযুক্ত नृपेन्द्रकुमार बसु प्रणीत
१। भादुरे
डि-एल्-राय़ेर आषाढेर पर एमन रुचिकर हासिर केताब केउ
लिखते पारेन नि। “डाक टिकिटे चुमा” “डाक्तार बঘ্নিক भाई” “कलिर
ब्राह्मण” पडते पडते हासिर प्रलय़-पय़ोधि जले भासबेन। मूल्य तिन
आना, डाकटिकिट पाठाइले एकखानि पाइबेन।
२। सखेर सय़तानी
अपूर्ब्ब चमकप्रद डिटेक्टिव उपन्यास; पडिते पडिते आत्महारा
हइबेन। २१० पृष्ठार बइ, २खानि मनोरम चित्र, सुन्दर बाँधाइ, दाम ১/टाका।
३। मालसा भोग
गद्ये पद्ये हासेर रचना भरा अपूर्ब्ब मुखरोचक प्रसाद, साहित्य जगते
अभिनव परिकल्पना। अनेकगुलि छवि आछे, प्राय़ ৯০ पृष्ठार बइ, बेगुनी
रङे छापा ; मूल्य सओय़ा पाँच आना मात्र।
प्राप्तिस्थान :—
निर्मला साहित्याश्रम—१०२ए, बेलेघाटा मन् रोड, कलिकाता।
गुरुदास चट्टोपाध्याय़ एण्ड, सन्स,—२०১ নং कर्णओय़ालिस ष्ट्रीट, कलिकाता।
संस्कृत प्रेस डिपजिटरी—३० নং कर्णओय़ालिस ष्ट्रीट, कलिकाता।
ओ अन्यान्य प्रधान पुस्तकालय़ प्राप्तव्य।

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