कामन्दकीय नीतिसार (आचार्य कामन्दक - प्राचीन भारतीय राजनीति शास्त्र)
Kamandakiya Nitisara with Hindi Commentary
आचार्य कामन्दक / पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंदेओया, इहाइ नीतिर प्रधान कार्य्य। साम दान भेद ओ दण्डके उपयुक्त भावे
परिचालना करिबार रीति निर्द्देश कराइ नीतिशास्त्रेर प्रधान उद्देश्य।
कोन नीति कि भावे, कोन स्थाने, कि उद्देशे, काहार द्वारा, काहार
उपर प्रयोग करिते हइबे एव० कोन समय कोन नीति अवलम्बन करिते
हइबे इहाइ नीतिशास्त्र शिक्षा देय। देशके सुशासने राखिया देशेर
सुख ओ शान्ति वृद्धि कराइ नीतिर कार्य्य।
एइ सकल विवेचना करिया यदि देशेर किछुमात्र कल्याण हय, एइ
आशाय धर्मशास्त्र ओ नीतिशास्त्र प्रचारेर यत्किञ्चित् चेष्टा करिते प्रस्तुत
हइयाछि। आर देशभाषाय शिक्षा ना हइले शिक्षा शिक्षाइ हय ना, एमन
कि शिक्षा एकेबारेइ असम्पूर्ण थाकिया याय, इहा अनुधावन करिया नीतिशास्त्र-
गुलिर बाङ्गालाभाषाय अनुवादे प्रवृत्त हइयाछि। एइ कार्य्य अत्यन्त
सुकठिन, प्रचुर व्ययसाध्य एव० आमि इहार सम्पूर्ण अनुपयुक्त इहा जानिया ओ
क्षुद्र शक्तिते देशमातृकार सेवाय योगदान करिबार जन्य एइ कामन्दकीय-
नीतिसारखानिर अनुवाद आमार देशवासीर गोचरे आनिलाम।
वर्त्तमाने आमरा कौटिल्येर अर्थशास्त्र, शुक्रनीतिसार ओ कामन्दकीय-
नीतिसार एइ तिन खानि श्रेष्ठ नीतिग्रन्थ देखिते पाइ। इहादेर मध्ये एइ
कामन्दक पण्डित प्रणीत नीतिसार खानि अन्य दुइ खानि अपेक्षा क्षुद्र हइलेओ
अल्पेर मध्ये बेश उपयोगी। अन्यान्य नीतिशास्त्रे राजनीति व्यतीत अन्यान्य
अनेक कथाइ रहियाछे, किन्तु इहार विशेषत्व एइटुक्कु ये इहाते केवल
राजनीतिर कथाइ आछे; आर इहा एकरूप अर्थशास्त्र अवलम्बने लेखा;
सुतरा० याँहारा कौटिल्येर नीतिशास्त्र बुझिते चाहेन, ताँहादेर इहा खूब
उपकारे आसिबे। एइ खानि आयत्त करिते पारिले शुक्रनीति ओ
चाणक्यनीति आयत्त करा सहज हइबे, एइ भाविया सर्व्व प्रथमे एइखानिर
मुद्रण करिलाम। देशेर लोक चाहिेले शुक्रनीति एव० अर्थनीतिओ
एइरूपे प्रकाशेर चेष्टा करिब।