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कामकलाविलास (पुण्यानन्दनाथ - श्रीविद्या तत्त्व-विमर्श एवं चिद्वल्ली टीका सहित)

कामकलाविलास (पुण्यानन्दनाथ - श्रीविद्या तत्त्व-विमर्श एवं चिद्वल्ली टीका सहित)

Kamakalavilasa of Punyanandanatha with Chidvalli Commentary

पुण्यानन्दनाथ द्वारा

DevanagariHindipublished56 पृष्ठ

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पृष्ठ 55

श्रीमत्पुण्यानन्दाचार्यविरचितः ५१
यदनुग्रहेण तीर्ण-
स्तस्मै श्रीनाथनाविकाय नमः ॥ ५५ ॥
इति श्रीपुण्यानन्दयतिविरचितः कामकलाविलासः समाप्तः ॥
सद्विद्यानां संश्रये ग्रन्थविद्वद्
व्यूहे ह्रासं कालवृत्त्योपयाते ।
तत्तत्सद्धर्मोद्दिधीर्षैकतान-
सत्प्रेक्षौजःशालिना कर्मवृत्त्यै ॥ १ ॥
श्रीमत्कश्मीराधिराजेन मुख्यै-
र्धर्मोद्युक्तैर्मन्त्रिभिः स्वैर्विवेच्य ।
प्रत्यष्ठापि ज्ञानविज्ञानगर्भ-
ग्रन्थोद्धृत्यै मुख्यकार्यालयो यः ॥ २ ॥