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सर्वकोश
कल्याण: उपनिषद् अङ्क

कल्याण: उपनिषद् अङ्क

Kalyan Upanishad Ank

गीताप्रेस द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished832 पृष्ठ

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पृष्ठ 693

कल्याण
श्रीसरस्वती
अक्षसूत्राङ्कुशधरा पाशपुस्तकधारिणी। मुक्ताहारसमायुक्ता वाचि तिष्ठतु मे सदा ॥
( सरस्वती हृ० )