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सर्वकोश
कल्याण: उपनिषद् अङ्क

कल्याण: उपनिषद् अङ्क

Kalyan Upanishad Ank

गीताप्रेस द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished832 पृष्ठ

पृष्ठ 608, कुल 832 में से

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पृष्ठ 608

सच्चिदानन्द नारायण
श्रीवत्सलाञ्छनं हृत्स्थं कौस्तुभं प्रभया युतम् । चतुर्भुजं शङ्खचक्राशिशार्ङ्गगदान्वितम् ॥
सुकेयूरान्वित बाहु कण्ठ मालासुशोभितम् । द्युमत्किरीट वलय स्फुरन्मकरकुण्डलम् ॥
हिरण्मय सौम्यतनु समकाषायमप्रदम् । (गो० उ० ६१-६२)


भगवान् श्रीगोविन्द
नमो विज्ञानरूपाय परमानन्दरूपिणे ।
कृष्णाय गोपीनाथाय गोविन्दाय नमो नमः ॥
(गो० पू० ५।७)