कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)
Kabir Sagar (11 Parts Complete)
कबीर साहेब / खेमराज श्रीकृष्णदास द्वारा
स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, बम्बई - कबीर सागर सम्पूर्ण ११ भाग · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
Devanagarihipublished2,136 पृष्ठ
पृष्ठ 1421, कुल 2136 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 1421
सत्यमुकृत, आदिअदली, अजर, अचिन्त, पुरुष
मुनीन्द्र, करुणामय, कबीर, सुरति योग संतायन,
धनी धर्मदास चूरामणिनाम, सुदर्शन नाम, कु-
लपति नाम, प्रमोध गुरुवालापीर, केवल नाम,
अमोल नाम, सुरतिसनेही नाम, हक्क नाम,
पाकनाम, प्रकट नाम, धीरज नाम, उग्र
नाम, दयानामकी दया वंश-
व्यालीसकी दया ।
अथ श्रीबोधसागरे
अष्टाविंशतिस्तरंगः ।
अथ जैनधर्मबोधप्रारम्भ ।
★
दोहा-तीर्थकर जहँ देवकह, गुरुजतिहैं जो जैन ।
जैनेश्वर मुख भाख जो, ग्रन्थ है केवल बैन ॥
उत्पत्ति कथावर्णन
भागकट षट जैन मत, तामैं द्वे विधि कीन ।
तीनकाल औ सर्पिणी, उपसर्पिणी है तीन ॥