सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

Kabir Sagar (11 Parts Complete)

कबीर साहेब / खेमराज श्रीकृष्णदास द्वारा

स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, बम्बई - कबीर सागर सम्पूर्ण ११ भाग · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

Devanagarihipublished2,136 पृष्ठ

पृष्ठ 1145, कुल 2136 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 1145

सत्यनाम

सत्यसुकृत, आदि अदली, अजर, अचिन्त, पुरुष,
मुनीन्द्र, करुणामय, कबीर, सुरतियोग संतान,
धनी, धर्मदास, चूरामणिनाम, सुदर्शन नाम,
कुलपति नाम, प्रबोध गुरुबालापीर, केवल नाम,
अमोल नाम, सुरतिसनेही नाम, हक नाम,
पाकनाम, प्रकट नाम, धीरज नाम,
उग्र नाम, दया नामकी दया-
वंश व्यालीसकी दया

अथ श्रीबोधसागरे

एकविंशतिस्तत्रंगः

अथ उग्रगीताप्रारंभः

उत्थानिका

★

दोहा—उग्र गीता सार है, सुकृत दया लिसाय ।
करे दूरि अज्ञान को, अज्ञन ज्ञान समाय ॥
करे दूरि अज्ञानता, अंजन ज्ञान सो देइ ।
बलिहारी वे गुरुनकी, हंस उबारि जो लेइ ॥