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कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

Kabir Sagar (11 Parts Complete)

कबीर साहेब / खेमराज श्रीकृष्णदास द्वारा

स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, बम्बई - कबीर सागर सम्पूर्ण ११ भाग · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

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सत्यसुकृत, आदि अदली, अजर, अचिन्त, पुरुष,
मुनीन्द्र, कर्तुणामय, कबीर, सुरति योग, संतायन,
धनी धर्मदास, चूरामणिनाम, सुदर्शन नाम,
कुलपति नाम, प्रबोध गुरुबालापीर, केवलनाम,
अमोल नाम, सुरतिसनेही नाम, हकनाम,
पाकनाम, प्रकट नाम, धीरज नाम,
उग्र नाम, दया नामकी वंश-
व्यालीसकी दया

अथ श्रीबोधसागरे

★

एकोनविंशस्तरंगः

कर्मबोध

★

कर्म कथा अब कई बखानी । जौन फांस अटके नरप्रानी ॥
चारों खानि कर्म अधिकाई । चहूँ खानी मिलि कर्म हढ़ाई ॥
कर्महि धरती पवन अकाशा । कर्महि चन्द्र शूर प्रकाशा ॥
कर्महि ब्रह्मा विष्णु महेश । कर्महिते भयो गौरि गणेशा ॥