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जातक कथाएँ (पालि से प्रामाणिक हिन्दी अनुवाद)

जातक कथाएँ (पालि से प्रामाणिक हिन्दी अनुवाद)

भगवान बुद्ध / पालि त्रिपिटक द्वारा

स्रोत: जातक कथाएँ (पालि से प्रामाणिक हिन्दी अनुवाद) · हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग · 1956 (उद्गम)

DevanagariHindipublished479 पृष्ठ

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पहला परिच्छेद
१२. हंसी वर्ग
१११. गद्रभ पञ्हो
“हंसी त्वं मञ्जसि” यह गद्रभपञ्ह (जातक) भी उम्मग जातक¹ म
ही आयेगी ।
११२. अमरादेवी पञ्ह
“येन सत्तुकिलङ्गा च” यह अमरादेवी पञ्ह (जातक) भी वही
(उम्मग जातक¹ में) आयेगी ।
११३. सिगाल जातक
“सद्दहासि सिगालस्स...”यह गाथा शास्ता ने वेळुवन में विहार करते
समय देवदत्त के बारे में कही ।
१ उम्मग जातक (५४६)