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ईशादि नौ उपनिषद्

Ishadi Nau Upanishad

ऋषिगण द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)

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DevanagariHindipublished548 पृष्ठ

इस ग्रन्थ के बारे में

'ईशादि नौ उपनिषद्' गीताप्रेस, गोरखपुर की पुस्तक (संख्या ६६) है, जिसमें नौ प्रमुख उपनिषदों का पाठ हिन्दी व्याख्या के साथ दिया गया है: ईश, केन, कठ, प्रश्न, मुण्डक, माण्डूक्य, ऐतरेय, तैत्तिरीय और श्वेताश्वतर। इनमें से पहले आठ उन दस उपनिषदों में आते हैं जिन पर आदि शङ्कराचार्य के भाष्य प्रसिद्ध हैं, और श्वेताश्वतर उपनिषद् भी वेदान्त में बहुत आदर से पढ़ा जाता है।

इस संस्करण की व्याख्या हरिकृष्णदास गोयन्दका ने की है। मुखपृष्ठ के अनुसार इसमें हर मन्त्र का मूल पाठ, अन्वय, हिन्दी में अन्वयार्थ और प्रत्येक मन्त्र की सरल हिन्दी व्याख्या है, साथ ही मन्त्रों की वर्णानुक्रमणिका और विषय-सूची भी दी गई है। इस क्रम के कारण संस्कृत कम जानने वाला पाठक भी हर शब्द का अर्थ देखकर मन्त्र का भाव समझ सकता है।

इन उपनिषदों में आत्मा और ब्रह्म की एकता, नचिकेता और यम का संवाद, ॐ और चार अवस्थाओं का विचार, पञ्चकोश और भृगु-वल्ली जैसे प्रसिद्ध प्रसंग आते हैं। स्कैन की गई प्रति संवत् २०७४ का छत्तीसवाँ पुनर्मुद्रण है, और इसकी कुल २,२७,००० प्रतियाँ छप चुकी हैं। ५४८ पृष्ठों का यह संस्करण उपनिषदों का क्रमबद्ध अध्ययन शुरू करने वालों के लिए उपयुक्त है।

पृष्ठ 547–548, कुल 548 में से

ફ્રેશાદિ નો ઉપનિષદ

Code 66

॥ श्रीहरिः ॥

गीताप्रेस, गोरखपुरसे प्रकाशित उपनिषद्

ईशादि नौ उपनिषद्अन्वय, हिंदी व्याख्यासहित
बृहदारण्यकोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
छान्दोग्योपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
ईशावास्योपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
केनोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
कठोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
माण्डूक्योपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
मुण्डकोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
प्रश्नोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
तैत्तिरीयोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
ऐतरेयोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
श्वेताश्वतरोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
ईशादि नौ उपनिषद् (शांकरभाष्य)नौ उपनिषदोंके मन्त्र, मन्त्रानुवाद, शांकरभाष्य एवं हिन्दी-भाष्यार्थ