हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित)
नारायण पण्डित द्वारा
स्रोत: हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित) · चौखम्बा विद्याभवन · 2017 (उद्गम)
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पृष्ठ श्लोक
लोभकी निन्दा २०,२१ २६,२७,२८
अग्रगण्यताकी निन्दा २१ २९
बन्धुकी प्रशंसा तथा लक्षण २२,३८,२४२ मि. ३१, ७३ सं. ६१
महात्माओंके स्व- { २२,७० ३२,१९२
भावकी प्रशंसा {
त्यागनेके योग्य छः दोष २३ ३४
समूहकी प्रशंसा २३ ३५,३६
सच्चे मित्रकी प्रशंसा २४,८० मि. ३८, २०९, २१०
पुण्यात्माका लक्षण २४ ३९
शुभाशुभ कर्मका फल २५ ४०,४१
आत्माकी मुख्य रक्षा २६ ४२
प्राणोंकी मुख्य रक्षा २६ ४३
पराये अर्थ धन-जीवनका त्याग २६,१९५ मि. ४४, वि. १००
यशकी मुख्यता २७ ४७,४८
शरीर और गुणका अंतर २७ ४९
अनेक मित्र करनेकी मुख्यता २९ ५३
समानके साथ समानकी प्रीति ३० ५४,५५
अपरिचितको आश्रय न देना ३१ ५६
केवल जातियताको सोच कर } ३३ ५८
अनादर करनेकी निन्दा }
अतिथिका सत्कार ३३,३४,४८ मि. ५९ से ६३ तक, १०७,१०८
स्वर्ग जानेमें मुख्यता ३५ ६४
धर्मकी मुख्यता ३५ ६५
उदरके लिये पातकनिन्दा ३५ ६८
अल्पगुणीकी प्रशंसा ३६ ६९
व्यवहारसे मित्र और शत्रु का ज्ञान ३७ ७१
मित्र, शूर, भार्या और } ३८ ७२
बांधवकी परीक्षा }