गोरक्षशतकम् (गुरु गोरखनाथ - षडङ्ग हठयोग, कुण्डलिनी एवं प्राणायाम विधान सटीक)

गोरक्षशतकम् (गुरु गोरखनाथ - षडङ्ग हठयोग, कुण्डलिनी एवं प्राणायाम विधान सटीक)
Goraksha Shatakam of Guru Gorakhnath with Commentary
गुरु गोरखनाथ (टीकाकार: पं. मोतीलाल खद्दर शास्त्री) द्वारा
DevanagariHindipublished45 पृष्ठ
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अनन्त श्री विभूषित राष्ट्रगुरु पीताम्बरा पीठाधीश्वर
परमपूज्य श्री स्वामीजी महाराज, दतिया (म.प्र.)
卐 समर्पणम् 卐
शतशः स्वगुरुं नत्वा तथा पीताम्बराम् जनिम्।
यत्कृपातोऽभवत्पूर्णोऽनुवादः शतकस्य च॥
वन्दे स्वगुरुपीठं वै मोतीलालोऽह मानतः।
सकृदप्यनुशीलेन सिद्धिर्भवति सर्वदा॥
अनुवादकः