गोपथ ब्राह्मण (अथर्ववेद - क्षेमकरणदास त्रिवेदी हिन्दी भाष्य)
Gopatha Brahmana with Hindi Bhashya by Pt. Kshemkarandas Trivedi
महर्षि गोपथ / पं. क्षेमकरणदास त्रिवेदी द्वारा
स्रोत: चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान · चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान · 1950 (उद्गम)
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के अनन्तर सम्पादक में उनका नाम प्रविष्ट कर पाई हूँ । उन्हें भय था कि इस प्रक्रिया से
भूमिका में उल्लिखित आशीः राशि से वे वञ्चित रहेंगी पर यह तो असम्भव है । उनकी
कर्म-निष्ठा, त्याग एवं निष्काम-भावना सामान्य स्थिति से ऊपर है इसे देख कौन पुलकित
न होगा ?
मैं इस प्रकरण को अपूर्ण ही समझूँगी यदि अपनी शास्त्री द्वितीय वर्ष की छात्राओं
कु० प्रियम्वदा, कु० माधुरी रानी, कु० सूर्या के नामों का उल्लेख न करूँ । ये पुत्रियाँ
हस्तलेख मिलान प्रूफ़ संशोधनादि कार्यों में मेरे साथ बड़ी जिज्ञासा, तत्परता एवं मनोयोग से
समय लगाती थीं । उनकी ये प्रवृत्ति कार्यदक्षता के लिये नितान्त उचित है । परमात्मा करे
वे सदैव स्वस्थ चिरायु रहते हुये वैदिक कार्यों के प्रति निष्ठावान् तथा ऋषि भक्त हों ।
अन्त में विष्णु मुद्रणालय के सञ्चालक श्री कालीनाथ जी का भी मैं हार्दिक
धन्यवाद करती हूँ कि जिन्होंने अनेक विघ्नों के रहते हुये भी इस कार्य को सम्पन्न किया ।
विनीता—
३१ जु० गुरुपूर्णिमा } प्रज्ञा देवी
सं० २०३४ वि० } पाणिनि कन्या महाविद्यालय
दयानन्दाब्द १५३ } तुलसीपुर, वाराणसी-५
सन् १९७७ }