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सर्वकोश
गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation

महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा

DevanagariHindipublished421 पृष्ठ

पृष्ठ 388, कुल 421 में से

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पृष्ठ 388

गणितसारसंग्रह ५३

शब्दसूत्रअध्यायपृष्ठस्पष्टीकरणअभ्युक्ति
स्याद्वाद८१२“कथंचित्” का पर्यायवाची शब्द ।<br>(पाद टिप्पणी भी देखिये) ।
स्वर्ण९६२३०सोने का टंक (सिक्का) ।सुवर्ण भी ।
हस्त३०१४लम्बाई का माप ।परिशिष्ट ४ की सूची १ देखिये ।
हिन्ताल११६½६११९वृक्ष का नाम ।Phoenix or Elate Paludosa.
क्षित्या६८१८संकेतना का इक्कीसवां स्थान ।
क्षेपपद७०२२२समान्तर श्रेढि के दुगुने प्रथम पद एवं प्रचय के अंतर की अर्द्धराशि ।
क्षोणी६७१८संकेतना का सत्रहवां स्थान ।
क्षोभ६८१८संकेतना का तेईसवां स्थान ।
नोट—उपर्युक्त सारणी में सूत्र अध्याय एवं पृष्ठ के प्रारम्भ के कुछ स्तम्भ भूल से रिक्त रह गये हैं। उन्हें क्रमानुसार नीचे दिया जा रहा है—
अगरु—९।३।३७। अग्र—६२.।
अङ्ग—४५।४।७५। अङ्गुल—२७।१।४।
अणु—४। अध्वान—१७७। अन्त्यधन—६३।२।२१।
अन्तरावलम्बक—१८०½ ।७।२३६।
अन्तश्चक्रवाल वृत्त—६७½ ।७।१९७।
अपर—२७२। अमोघवर्ष—३।१।१।
अम्लवेतस—६७।८।२६८। अयन—३५।१।२।
अरिष्टनेमि—८४½।६।१०८। अर्जुन—६७।८।२६८।
अर्बुद—६५।१।८। अवनति—२७७।
अवलम्ब—१९२। अव्यक्त—१२२।३।६२।
अशोक—२४।४।७२। असित—६७।८, २६८।
आढक—३६।१।५ आदि—६४।२।२१।
आदिधन—२१। आदि मिश्रधन—२४।
आबाधा—४९।७।१९२। आयतवृत्त—१८१।
आयाम—९।७।१८४। आवलि—३२।१।४।
इच्छा—२।५।८३। इन्द्रनील—२२०।६।१४७।
इभदन्ताकार—८०½ ।७।२००। उच्छ्वास—३३।१।५।