गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)
Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation
महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा
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शब्द | सूत्र | अध्याय | पृष्ठ | स्पष्टीकरण | अभ्युक्ति
विषम संक्रमण | २ | ६ | ९१ | कोई भी दत्त दो राशियों के भाजक और भजनफल द्वारा प्ररूपित दो राशियों के योग एवं अंतर की अर्द्ध राशियों सम्बन्धी क्रिया । |
वृषभ | ८३ ½ | ६ | १०८ | प्रथम तीर्थंकर का नाम । |
व्यवहारांगुल | २७ | १ | ४ | लम्बाई का माप । | परिशिष्ट ४ की सूची १ देखिये ।
व्युत्कलित | १०६ | २ | ३२ | समानान्तर श्रेढि की समस्त श्रेढि में से श्रेढि का अंश घटाने की क्रिया । |
शङ्ख | ६७ | १ | ८ | संकेतना का उन्नीसवां स्थान । |
शत | ६३ | १ | ८ | सौ; सैकड़ा । |
शत कोटि | ६५ | १ | ८ | सौ करोड़ । |
शाक | ६४ | ८ | २६७ | वृक्ष का नाम ( Teak tree ) । |
शान्ति | ८४ ½ | ६ | १०८ | शान्तिनाथ तीर्थङ्कर । |
शेष | ३ | ४ | ६८ | आरम्भ से श्रेढि के अंश को निकाल देने पर शेष बचनेवाले पद । |
शेषनाड्य | १० ½ | ९ | २७१ | अपराह्न में बीतनेवाला दिनांश । |
शेषमूल | ३ | ४ | ६८ | प्रकीर्णक भिन्नों की एक जाति । |
शोध्य | ५३-५४ | २ | १८-१९ | घनमूल समूह के तीन अंकों में से एक । |
श्रावक | ६६ | २ | २२ | जैनधर्म का पालन करने वाला गृहस्थ । |
श्रीपर्णी | ६७ | ८ | २६८ | वृक्ष का नाम । | Premna Spinosa.
शृङ्गाटक | ३० ½ | ८ | ७५ | त्रिभुजाकार स्तूप । |
षोडशिका | ३६ | १ | ५ | धान्य सम्बन्धी आयतन माप । | परिशिष्ट ४ की सूची ३ देखिये ।
सकल कुट्टीकार | १३६ ½ | ६ | १२४ | अनुपाती वितरण जिसमें भिन्न अंतर्भूत नहीं होते । |
सङ्क्रमण | २ | ६ | ९१ | दो राशियों के योग एवं अन्तर की अर्द्ध राशियों सम्बन्धी क्रिया । |
सङ्कलित | ६१ | २ | २० | श्रेढि का योग निकालने की क्रिया । |
सङ्क्रान्ति | १७ | ५ | ८५ | सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करने का मार्ग । |