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सर्वकोश
गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation

महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा

DevanagariHindipublished421 पृष्ठ

पृष्ठ 370, कुल 421 में से

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पृष्ठ 370

परिशिष्ट-४
माप-सारिणियाँ
१. रेखा-माप *
अनन्त परमाणु = १ अणु
८ अणु = १ त्रसरेणु
८ त्रसरेणु = १ रथरेणु
८ रथरेणु = १ उत्तम भोगभूमि बाल-माप
८ उ. भो. बा. = १ मध्यम भोगभूमि का बाल-माप
८ म. भो. बा. = १ जघन्य ,, ,, ,,
८ ज. भो. बा. = १ कर्मभूमि का बाल-माप
८ कर्मभूमि का बाल-माप = १ लीक्षा-माप
८ लीक्षा माप = १ तिल माप या सरसों-माप †
८ तिल-माप = १ यव-माप
८ यव-माप = १ अङ्गुल या व्यवहाराङ्गुल
५०० व्यवहाराङ्गुल = १ प्रमाण या प्रमाणाङ्गुल
वर्तमान नराङ्गुल = १ आत्माङ्गुल
६ आत्माङ्गुल = १ पाद-माप ( तिर्यक् )
२ पाद = १ वितस्ति
२ वितस्ति = १ हस्त
४ हस्त = १ दण्ड ‡
२००० दण्ड = १ क्रोश
४ क्रोश = १ योजन
२. काल-माप []
असंख्यात समय = १ आवलि
संख्यात आवलि = १ उच्छ्वास
७ उच्छ्वास = १ स्तोक
७ स्तोक = १ लव

  • इस सम्बन्ध में तिलोयपण्णत्ती में दिया गया रेखा-माप द्रष्टव्य है १;९३-१३२ ।
    † तिलोयपण्णत्ती में लीक्षा के पश्चात् जूं माप है ।
    ‡ तिलोयपण्णत्ती में दण्ड को धनुष, मूसल या नाळी भी बतलाँया है ।
    [] इस सम्बन्ध में तिलोयपण्णत्ती में दिया गया काल-माप द्रष्टव्य है । ४; २८५-२८६