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सर्वकोश
गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation

महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा

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-६. २९८ ] मिश्रकव्यवहारः [ १६७
वर्गसंकलितानयनसूत्रम्—
सैकेष्टकृतिर्द्विघ्ना सैकेष्टोनेष्टदलगुणिता। कृतिघनचितिसंघातस्त्रिभक्तो वर्गसंकलितम् ॥ २९६ ॥
अत्रोद्देशकः
अष्टाष्टादशविंशतिषष्ट्येकाशीतिषट्कृतीनां च।
कृतिघनचितिसंकलितं वर्गचितिं चाशु मे कथय ॥ २९७ ॥
इष्टाद्युत्तरपदवर्गसंकलितधनानयनसूत्रम्—
द्विगुणैकोनपदोत्तरकृतिहतिषष्ठांशमुखचयहतयुतिः ।
व्येकपदघ्ना मुखकृतिसहिता पदताडितेष्टकृतिचितिका ॥ २९८ ॥

एक से आरम्भ होने वाली दी गई संख्या की प्राकृत संख्याओं के वर्गों का योग निकालने के
लिये नियम —
दी गई संख्या को एक द्वारा बढ़ाते हैं, और तब वर्गित करते हैं। यह वर्गित राशि २ से
गुणित की जाती है, और तब एक द्वारा बढ़ाई गई दत्त राशि द्वारा हासित की जाती है। इस प्रकार
प्राप्त शेष को दत्त संख्या की