गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)
Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation
महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा
पृष्ठ 193, कुल 421 में से
संदर्भ में पढ़ें-६. १८८ ] मिश्रकव्यवहारः [ १३९
अत्रोद्देशकः
वर्णाः शरर्तुनगवसुमुड्विश्वे नव च पक्ववर्णं हि ।
कनकानां षष्टिश्चेत् पृथक् पृथक् कनकमा किं स्यात् ॥ १८६ ॥
द्वयनष्टवर्णानयनसूत्रम्—
स्वर्णाभ्यां हतरूपे सुवर्णवर्णाहते द्विष्ठे ।
स्वस्वर्णहृतैकेन च हीनयुते व्यस्ततो हि वर्णफलम् ॥ १८७ ॥
अत्रोद्देशकः
षोडशदशकनकाभ्यां वर्णं न ज्ञायते¹ पक्वम् ।
वर्णं चैकादश चेद्द्रौ तत्कनकयोर्भवेतां कौ ॥ १८८ ॥
१. B में यहाँ यते जुड़ा है ।
उदाहरणार्थ प्रश्न
संघटक राशियों वाले स्वर्ण के दिये गये वर्ण क्रमशः ५, ६, ७, ८, ११ और १३ हैं; और
परिणामी वर्ण ९ है। यदि स्वर्ण की समस्त संघटक मात्राओं का कुल भार ६० हो तो स्वर्ण की
विभिन्न संघटक मात्राओं के वजन में विभिन्न माप कौन-कौन होंगे ? ॥१८६॥
जब मिश्रण का परिणामी वर्ण ज्ञात हो, तब स्वर्ण की दो ज्ञात मात्राओं के नष्ट अर्थात् अज्ञात
वर्णों को निकालने के लिये नियम—
१ को स्वर्ण के दिये गये दो वजनों द्वारा अलग-अलग भाजित करो । इस प्रकार प्राप्त
भजनफलों में से प्रत्येक को अलग-अलग स्वर्ण की संगत मात्रा के भार द्वारा तथा परिणामी वर्ण द्वारा
भी गुणित करो । इस प्रकार प्राप्त दोनों गुणनफलों को दो भिन्न स्थानों में लिखो । इन दो कुलकों
( sets ) में से प्रत्येक के इन फलों में से प्रत्येक को यदि उन राशियों द्वारा ह्रासित किया जाय अथवा
जोड़ा जाय, जो १ को संगत प्रकार के स्वर्ण के ज्ञात भार द्वारा भाजित करने पर प्राप्त होती हैं, तो
इष्ट वर्णों की प्राप्ति होती है ॥१८७॥
उदाहरणार्थ प्रश्न
यदि संघटक वर्ण ज्ञात न हो, और क्रमशः १६ और १० भार वाले दो भिन्न प्रकार के स्वर्णों
का परिणामी वर्ण ११ हो, तो इन दो प्रकार के स्वर्ण के वर्ण कौन कौन हैं, बतलाओ ॥१८८॥
( १८७ ) गाथा १८८ के प्रश्न को निम्न रीति से साधित करने पर यह सूत्र स्पष्ट हो जावेगा—
१/१६ × १६ × ११ और १/१० × १० × ११ दो स्थानों में लिख दिया जाता है ।
इस प्रकार; ११ ११ लिखने पर,
११ ११
१/१६ और १/१० को दो कुलकों में प्रत्येक के इन फलों में से प्रत्येक को क्रमानुसार १ को वर्ण
द्वारा भाजित करने से प्राप्त राशियों द्वारा जोड़ा और घटाया जाता है—
११ + १/१६ } { ११ - १/१६ }
११ - १/१० } और { ११ + १/१० } इस प्रकार उत्तरों के दो कुलक ( sets ) प्राप्त होते हैं ।